🌘 अर्ध-छाया चंद्र ग्रहण 5 जून
🕒 इस सप्ताह के अंत में अर्ध-छाया चंद्र ग्रहण लगेगा। यह कीव समयानुसार 22:25 बजे (ग्रीनविच समयानुसार 19:25 बजे) होगा।
🔗 यह ग्रहण इस वर्ष के ग्रीष्मकालीन ग्रहण गलियारे की शुरुआत करेगा, जो 5 जुलाई के ग्रहण तक पूरे एक माह तक रहेगा। इस अवधि में तीन ग्रहण होंगे: 5 जून को अर्ध-छाया चंद्र ग्रहण, 21 जून को वलयाकार सूर्य ग्रहण और 5 जुलाई को अर्ध-छाया चंद्र ग्रहण। ऐसा माना जाता है कि ग्रहणों के इस गलियारे में हम सभी के लिए अपने भाग्य को देखने और परिवर्तित करने के अवसर खुलते हैं। कहा जा सकता है कि इसी समय हम पूर्ण रूप से अपने चुनाव के अधिकार का उपयोग कर सकते हैं। इसलिए हमारे जीवन में विचित्र या आश्चर्यजनक घटनाएं घटित हो सकती हैं। इस दौरान हमारा मनोभाव हमारे लिए स्वयं अपरिचित और दूसरों के लिए भी असामान्य हो सकता है।
👆 यह ग्रहण एक तैयारी का चरण है, जिसमें हम भ्रमों, भौतिक एवं मानसिक कचरे से मुक्त होते हैं। हमारे लिए यह किसी परीक्षा का काल हो सकता है, किसी के लिए विश्लेषण एवं मध्यवर्ती निष्कर्ष निकालने का समय, किंतु सभी के लिए यह परिवर्तन आरंभ करने का समय है। वे परिवर्तन जिन्हें हम स्वयं अपने हाथों से निर्मित करते हैं। ऐसा लग सकता है कि परिवर्तन बाहरी जगत में हो रहे हैं और हम उसके अनुसार स्वयं को ढाल रहे हैं—हमारे पास कोई विकल्प नहीं है। किंतु यह समझना महत्वपूर्ण है कि हम जहां हैं, वह हमारे वर्षों के चुनावों एवं निर्णयों का परिणाम है, इसलिए सब कुछ एक ही क्षण में घटित नहीं होता। और यदि हम स्वयं को किसी गतिरोध में पाते हैं, तो केवल इसलिए कि हमने कभी उस मार्ग का चुनाव किया था। इसलिए सभी अपने जीवन के इस चरण के लिए स्वाभाविक चुनाव कर सकते हैं। जो भी हम सर्वोच्च स्थान पर रखेंगे, वही हमारे जीवन में कम से कम अगले छह माह तक प्रमुख प्रेरक बन जाएगा।
♐ चंद्र ग्रहण धनु राशि के 15 अंश में होगा। अगले एक वर्ष तक ग्रहण धनु-बुध राशि अक्ष पर घटित होंगे। हमारे दृष्टिकोण में बहुत सी सूचनाएं आएंगी। वे नवीन नहीं होंगी, किंतु हमारे लिए सुलभ होंगी, ताकि हम व्यक्तिगत एवं वैश्विक स्तर पर कानूनों, दर्शन एवं सामाजिक नीति की अपनी समझ को परिवर्तित कर सकें। यह समझना महत्वपूर्ण है—आपके लिए वर्तमान में सफलता एवं प्रतिष्ठा क्या है? आपके लिए कौन सम्मान का पात्र है? स्वयं को नवीन ज्ञान ग्रहण करने एवं अपनी योग्यता बढ़ाने से न रोकें। विविधता में से चुनें वही जो आपके सर्वाधिक निकट हो। वैश्विक प्रवृत्तियों के विषय में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी, क्योंकि वे अभी अत्यधिक परिवर्तनशील हैं। वर्तमान में स्वयं पर अधिक ध्यान केंद्रित करें: सचेतन रूप से चिंतन करें एवं अपने दृष्टिकोण का नवीनीकरण करें। ग्रहणों की अवधि अनेक ग्रहों की वक्री स्थिति के साथ मेल खाती है। यह स्वयं से प्रश्न पूछने एवं उत्तर खोजने का सर्वोत्तम काल है।
😒 किंतु इस समय सब कुछ सरल नहीं होगा। मंगल-नेप्च्यून युति सूर्य-चंद्रमा की वर्ग aspect में होगी। इससे बहुत सी व्यर्थ एवं निरर्थक हलचल उत्पन्न होगी। ये ऊर्जाएं हमारे लिए तनाव उत्पन्न करेंगी और हमें आराम क्षेत्र से बाहर निकलने के लिए विवश करेंगी। इसलिए तैयार रहें कि आप स्वयं को वर्तमान में सुखद एवं शांत अनुभव नहीं कर सकेंगे। अपने विचारों, भावनाओं एवं आदतों पर निर्भर रहना कठिन होगा। हम आंतरिक शून्यता एवं असमर्थता अनुभव कर सकते हैं। इस लहर पर हम अपने अंतरिक्ष को उस सब से शुद्ध कर सकते हैं जो लंबे समय से हमारे भीतर संचित था, जो पूर्व पीढ़ियों से विरासत में मिला था अथवा पुराने जगत की नींव बना था। किंतु संबंधों, व्यापारिक प्रश्नों में विराम लगाना अथवा वैश्विक निर्णय लेना अभी उचित नहीं है। इस समय ऐसे कार्य चुनें जिनका उद्देश्य स्पष्ट हो एवं शीघ्र परिणाम दें, विश्रामकारी विधियों का अभ्यास करें।
⚠️ निकट भविष्य के लिए लोगों से संवाद कम करना अच्छा रहेगा। वे आपके आंतरिक स्वर का अनुसरण करने में बाधा बन सकते हैं एवं साथ ही आपकी भावनात्मक प्रतिक्रियाओं को तीव्र कर सकते हैं। बाहरी समस्याओं से स्वयं को थोड़ा अलग रखें, किंतु सामाजिक जीवन से पूर्णतः बाहर न आएं—अपने लिए एक संतुलित दृष्टिकोण बनाएं। बाहरी समस्याएं आपके आंतरिक भूलभुलैयों के मार्गदर्शक बनें। जो भी आपको भावनात्मक रूप से प्रभावित करता है, उस पर ध्यान देने एवं उसे स्वीकार करने की आवश्यकता है। अपने चारों ओर घटित होने वाली प्रत्येक वस्तु को होने दें, किंतु यह जान लें कि आप स्वयं के लिए वही चुन सकते हैं जिसके आप वास्तव में अधिकारी हैं।
आपको सचेत रहने की शुभकामनाएं! 👀