🌕 पूर्णिमा कुंभ राशि में 💧 3 अगस्त
🕛 पूर्णिमा 18:59 कीव समयानुसार (15:59 GMT) घटित होगी। चंद्रमा 12 अंश कुंभ राशि में होगा, जबकि सूर्य सिंह राशि में रहेगा।
💧🔥 कुंभ-सिंह राशि की धुरी स्वयं तथा समाज के प्रति स्वतंत्रता की थीम को उजागर करेगी। इस पूर्णिमा पर हम नए के प्रति तीव्र आकांक्षा तथा अपनी प्रतिभा को प्रकट करने की निरंतर इच्छा को तीव्रता से अनुभव कर सकते हैं। किंतु नए पर ध्यान केंद्रित करने के लिए हमें उन सभी अनावश्यक चीज़ों से मुक्त होना होगा जो वर्तमान में हमारे जीवन को भर रही हैं। हममें से अनेक लोग जीवन की परिस्थितियों के ऐसे गतिरोध में हैं जहाँ यह स्पष्ट नहीं होता कि आगे किस दिशा में बढ़ा जाए। जब सामाजिक ग्रह प्रतिगामी गति में हैं, तो हमें चारों ओर अनिश्चितता का अनुभव हो सकता है। यह अनेक विकल्पों की उपलब्धता अथवा स्वयं के लिए कुछ नया न ढूँढ पाने की असमर्थता के रूप में प्रकट हो सकता है। किंतु चाहे जो भी हो, अब स्वयं के जीवन पर ध्यानपूर्वक दृष्टि डालना महत्वपूर्ण है ताकि यह समझा जा सके कि परिस्थितियाँ हमारे भूतकाल की इच्छाओं के अनुरूप ही घटित हो रही हैं, और यही वास्तविकता में प्रकट हो रही है। अर्थात्, आज की घटनाओं से हम स्वयं अपनी इच्छाओं से बँधे हुए हैं। अपने इन इच्छाओं के प्रति दृष्टिकोण परिवर्तित कर हम इस निर्भरता से सरलता से मुक्त हो सकते हैं।
😉 इस अवधि को उन लोगों द्वारा अत्यधिक तीव्रता से अनुभव किया जाएगा जिनके कुंडली में यह धुरी ग्रहों द्वारा प्रभावित है। अपने कुंडली में उन भावों को देखें जहाँ पूर्णिमा पड़ रही है। इस प्रकार पूर्णिमा उन विषयों को उजागर करेगी जो वर्तमान में आपके लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण हैं।
💥 प्रकाशस्तंभों का वर्ग (चंद्रमा-यूरेनस) तीव्र मोड़ अथवा उन नए अवसरों को प्रस्तुत कर सकता है जिनकी हम वर्तमान में अपेक्षा नहीं कर रहे। अपने सपनों की ओर अग्रसर होते हुए आने वाली बाहरी असफलताओं से भयभीत न हों जो अतीत की छाया के रूप में हमारे मार्ग को विचलित करती हैं। इस अवधि में यह समझना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि आपके जीवन में क्या चीज़ें आपके अतीत की ऊर्जाओं के अधीन हैं तथा क्या भविष्य की प्रवृत्तियों के अनुरूप विकसित हो रही हैं—केवल इसी प्रकार आप वर्तमान में अपना स्थान प्राप्त कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, ग्रहों की ऐसी स्थिति तकनीकी खराबियों का कारण बन सकती है—यह संकेत है कि हम अभी तक आंतरिक सामंजस्य प्राप्त नहीं कर सके हैं।
🌍 वर्तमान में वैश्विक समुदाय तथा अलग-अलग समूह अपनी गतिविधियों के परिणाम प्राप्त कर रहे हैं। आपको ऐसा प्रतीत हो सकता है कि कुछ स्थितियाँ दूसरों के प्रति अन्यायपूर्ण हैं। किंतु अब प्रत्येक व्यक्ति सर्वप्रथम अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति की ओर उन्मुख है, अतः बाहरी सहायता की अपेक्षा न करें। केवल समान विचारधारा वाले लोग ही एक-दूसरे का समर्थन कर सकते हैं। इसलिए, जब आप स्वयं के लक्ष्यों को निश्चित कर लें, तो उन लोगों के साथ समूहों में संगठित होना उत्तम होगा जो समान दिशा में अग्रसर हैं।
👆 पूर्णिमा के दिन स्वयं पर ध्यान दें कि आप क्या सुन और अनुभव कर रहे हैं। उन बातों पर ध्यान केंद्रित करें जो आपको वास्तविक आश्चर्य से भर दें। आस-पास के लोग विचित्र व्यवहार कर सकते हैं, किंतु यह आपसे संबंधित नहीं है—हम सभी जीवन के एक नए चरण में प्रवेश कर रहे हैं तथा जड़ता की स्थिति से बाहर निकल रहे हैं। अब हम बाहरी जगत, दूसरों तथा स्वयं को बिना किसी अतिरिक्त आवरण के देख सकते हैं। जितना अधिक आप स्वयं के प्रति ईमानदार होंगे, उतनी ही सरलता से आप नई परिस्थितियों के अनुकूल हो सकेंगे।
आपको समाज के विकास की महत्वपूर्ण प्रवृत्तियों को ग्रहण करने की शुभकामनाएँ! 📈