… 📅 31 अक्टूबर – शनिवार
♉ चंद्रमा वृष राशि में
🌕 15/16 चंद्र दिवस
🌕 पूर्णिमा – 16:49 (कीव समय)
आज का दिन उन चीज़ों को बल देता है, जिन पर हम स्वयं विशेष जोर देते हैं 🔥। यह हमारे स्वभाव और व्यवहार की आदतों से संबंधित है 🔒। इसलिए इस समय आप ध्यान दें कि आप अप्रिय स्थितियों से स्वयं की रक्षा कैसे करते हैं और अपनी जीत तथा खुशियों को कैसे ग्रहण करते हैं 🚚। आज की प्रतिक्रियाएँ वैसी ही दिखाई देती हैं, जैसी दूसरों को लगती हैं, चाहे आपने स्वयं अपने व्यवहार को बिल्कुल अलग ढंग से ग्रहण किया हो 😳। यदि आपको अपनी प्रतिक्रियाओं में कुछ पसंद नहीं आता, तो निराश न हों, बल्कि सोचें कि आप उन्हें कैसे बदल सकते हैं – मन ही मन घटित घटना को नई प्रतिक्रिया के साथ पुनः जी लें 🤔। अपने चेतन और अवचेतन मन को नई व्यवहार शैली को आत्मसात करने दें, ताकि भविष्य में उसका उपयोग कर सकें 😊। अक्सर हम निराश होते हैं कि हमने अपने मूल्यों के विपरीत कार्य किया, किंतु अगली बार भी उसी प्रकार से करते हैं 😵। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हमारे पास व्यवहार की कोई अन्य शैली नहीं होती 😔।
इस दिन हम किसी भी प्रश्न में सफलता प्राप्त कर सकते हैं, बस आरंभ कर दें 🚀। बाहरी परिस्थितियाँ आपका समर्थन कर सकती हैं या स्थिति को रोक सकती हैं – यही वे शक्तियाँ हैं जिन्हें आपने पूर्व में कार्य के विकास में लगाया था 💫। किंतु यदि आपमें इच्छा और शक्ति नहीं है, तो स्वयं को कार्य करने के लिए मजबूर न करें 👋।
पूर्णिमा के दिन उन लोगों के साथ बिताएँ जो आपके लिए मूल्यवान हैं 👩👩👧👦। जीवन में जो कुछ भी आपके पास है – चाहे भौतिक हो या आध्यात्मिक – उसके प्रति कृतज्ञता की भावना व्यक्त करें 🙏। इससे आज के परिणामों को सुदृढ़ करने तथा अपनी भौतिक क्षेत्र के विकास की ओर बल लगाने में सहायता मिलेगी 💪।
सायंकाल में स्वयं को विश्राम करने दें और उन कार्यों में लगें जिन्हें आप प्रेम करते हैं 😍।
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