🌑 पेनम्ब्रल (उपछाया) चंद्र ग्रहण 🌒 30 नवंबर
🕒 30 नवंबर को पेनम्ब्रल चंद्र ग्रहण लगेगा। इसका चरम प्रभाव कीव समयानुसार 11:30 बजे (ग्रीनविच समयानुसार 9:30 बजे) महसूस किया जाएगा।
🚶♂️ यह ग्रहण शीतकालीन ग्रहण गलियारे का आरंभ करेगा। इस बार यह 30 नवंबर के चंद्र ग्रहण और 14 दिसंबर के सूर्य ग्रहण द्वारा वर्णित होगा। यह गलियारा मिथुन-धनु अक्ष के विषयों को उजागर करेगा – हमें उन पुराने लक्ष्यों पर पुनर्विचार करना होगा या उन्हें छोड़ना होगा जिन्हें अब तक पूरा नहीं किया जा सका है, और नए लक्ष्यों तथा आकांक्षाओं की एक नई प्रणाली स्थापित करनी होगी।
♊ 30 नवंबर का चंद्र ग्रहण मिथुन राशि के 9 अंश में होगा, जो उत्तरी नोड के निकट है। इसलिए भूतकाल के भयों के भावनात्मक दबाव को भविष्य की आकांक्षाओं के संदर्भ में तैयार होने के लिए तैयार रहें। आप पहले से ही बार-बार मनोदशा परिवर्तन, असामान्य व्यवहार, चिड़चिड़ापन तथा आक्रामकता के माध्यम से इसके प्रभाव को महसूस कर सकते हैं। आपके लिए सभी संकेत/बाध्यकारी विचार/चिंताएं संकेत हैं – इस अवधि में किन विषयों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। अपनी भावनात्मक प्रतिक्रियाओं को रोकें नहीं, उन्हें उपलब्ध तरीकों से व्यक्त करें – हस्तकला तथा अपने विचारों को लिखना अच्छा काम करता है। इस अवधि में अधिकतम संख्या में बाधाओं से मुक्त होना बहुत महत्वपूर्ण है, ताकि चंद्र ग्रहण के बाद शांति तथा मन की शांति महसूस कर सकें।
😊 यदि आप देखते हैं कि इस अवधि में कुछ आपकी जिंदगी से निकल रहा है, तो खोई हुई चीज को पुनः प्राप्त करने के लिए शक्ति तथा समय व्यर्थ न करें। आपके लिए निष्कर्ष निकालना तथा ध्यान नए क्षेत्रों की ओर लगाना स्वाभाविक होगा। फिर भी, यदि परिवर्तन अत्यधिक पीड़ादायक या तीव्र हैं, तो स्वयं को मध्य दिसंबर तक समय दें ताकि आप स्वयं को पुनः स्थापित कर सकें: आंतरिक शून्यता में समय बिताएं, अपनी भावनात्मक स्मृति को शांत करें तथा जीवन की आगे बढ़ती खुशियों को महसूस करें।
📈 इस समय आप शिक्षा, अनुबंधों तथा समझौतों में एक निश्चित चरण के पूर्ण होने को देख सकते हैं। इन विषयों में आप प्रयासों के परिणाम देखेंगे। इसलिए नए विकास के स्तर पर आगे बढ़ने के लिए इस क्षण को न चूकें। आप अपने जन्म कुंडली में ग्रहण बिंदु की स्थिति के माध्यम से देखेंगे कि कौन सा विषय इस परिवर्तन प्रक्रिया से प्रभावित होगा।
👩💼 मिथुन राशि में ग्रहण की अवधि में संवाद करना बहुत महत्वपूर्ण है। आपके सभी संपर्क आपके योजनाओं तथा विचारों को प्रतिबिंबित करते हैं, वास्तव में वे आपके आस-पास के व्यक्तियों के व्यक्तित्वों के कोलाज के रूप में स्वयं आपको प्रतिबिंबित करते हैं। शब्दों के माध्यम से आप वास्तविक जगत में अपने स्वरूप को स्थापित करते हैं – आप कौन हैं, क्या चाहते हैं, किस ओर अग्रसर हैं। जितना अधिक आप संवाद में प्रश्नों को बंद तथा खोलेंगे, उतनी ही व्यापक परिवर्तन आपके आगे होंगे। अभी उन प्रश्नों में गहराई में न जाएं कि कौन और किस उद्देश्य से आपके जीवन में आता है – किसी भी अवसर को स्वीकार करें जिससे आप इसे व्यावहारिक रूप से समझ सकें।
🏚️ इस ग्रहण की अवधि में अनेक क्षतियां तथा पूर्णताएं हो सकती हैं। वे पीड़ादायक हो सकती हैं, किंतु यह समझना महत्वपूर्ण है कि चंद्र ग्रहण के दौरान प्रक्रिया का अंत सर्वाधिक स्वाभाविक होता है। इसलिए स्वीकार करने की मानसिकता रखें तथा घटनाओं का प्रतिरोध न करें। जो जाना चाहिए, वह जाएगा, किंतु यदि आप स्थिति को स्वीकार नहीं करते, तो आप लंबे समय तक अपने दर्द तथा अनुभवों से बंधे रहेंगे। अपने परिवेश या आदतन स्थानों में परिवर्तन के लिए तैयार रहें।
📚 यह ग्रहण सभी संभावित अर्थों में शिक्षक तथा शिष्य के संबंधों पर विशेष प्रभाव डालेगा। इस विषय को दार्शनिक दृष्टिकोण से देखें – प्रत्येक व्यक्ति हमारे लिए एक शिक्षक है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति के प्रति कृतज्ञ रहें, कम से कम उनके साथ हुई नियति की मुठभेड़ के अनुभव के लिए। इसके अतिरिक्त, स्वयं अपने अनुभव तथा ज्ञान को उदारतापूर्वक साझा करें।
आपको स्वीकार तथा प्रदान के संतुलन को बनाए रखने की कामना करते हैं ⚖️!