☀️ आज सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर गया है। यह यहाँ 20 जनवरी तक रहेगा।
⭐️ यह शीतकालीन संक्रांति का समय है। सबसे लंबी रात हमें स्वयं के भीतर डूबने का अवसर देती है, हजारों बाहरी निगाहों से छिपाकर हमारे आंतरिक संघर्षों को। यह नए निर्णयों, नई आकांक्षाओं, नए इच्छाओं का समय है, जो हमारे हृदय के भीतर जन्म लेते हैं। किंतु इस क्षण से सूर्य की शक्ति प्रतिदिन बढ़ती जाती है और हमें उन चिंगारियों को साकार करने का अवसर प्रदान करती है, जो हमारे भीतर प्रज्वलित हुई हैं।
♑️ मकर राशि का काल हमारी दृढ़ता की परीक्षा लेगा। मकर ठंड और कठोरता है। प्रकृति में सब कुछ बर्फीली परत से ढक जाता है, किंतु भीतर सक्रिय प्रक्रियाएं चल रही होती हैं। हम अपने पिछले अनुभवों को पुनर्संरचित कर रहे हैं, अपने आंतरिक क्रम में सब कुछ व्यवस्थित कर रहे हैं और उन चीजों को छोड़ रहे हैं जिन्हें हम अब समाहित नहीं कर सकते। जीवित वस्तुओं की जड़ प्रणाली सक्रिय रूप से विकसित हो रही है। इसी प्रकार हम भी महसूस कर सकते हैं कि हमारी अपनी जड़ों से हमारा संबंध विकसित हो रहा है। हमारे राष्ट्र की सभी पारंपरिक उत्सव परंपराएं भी इसी का समर्थन करती हैं। इसलिए इस समय को न चूकें, ताकि आप अपनी मूल ऊर्जाओं से जुड़ सकें, टूटे हुए संबंधों को पुनर्स्थापित कर सकें और मौजूदा संबंधों को “साफ” कर सकें। अब यह महत्वपूर्ण है कि स्वयं को एक जीवंत तंत्र का हिस्सा महसूस करें — अपना स्थान खोजें और अपने उद्देश्यों को समझें। ये उद्देश्य विकास और संघर्ष के हो सकते हैं, किंतु वे सभी हमारे साथ प्रत्येक स्तर पर सामंजस्यपूर्ण होने चाहिए। क्षण भर के लिए ठहरें, ताकि आप अधिक देख, सुन और महसूस कर सकें।
❤️ बाहरी ठंड हमारे हृदय और विचारों पर हावी न होने पाए। इसके विपरीत, सबसे कठोर दिनों में भी हमारी आंतरिक अग्नि और भी तेज और प्रबल जलनी चाहिए, ताकि न केवल आप स्वयं, बल्कि आपके आसपास के सभी लोग गर्माहट महसूस कर सकें।
🦋 हम सभी को अपने अतीत की बेड़ियों से मुक्त होकर, स्वयं के प्रति सच्चे बने रहने की कामना करते हैं!