🌕 पूर्णिमा कुंभ राशि में 💫 24 जुलाई
🕛 पूर्णिमा 24 जुलाई को कीव समयानुसार सुबह 5:36 बजे (ग्रीनविच समयानुसार 2:36 बजे) घटित होगी। चंद्रमा कुंभ राशि के 2 अंश में स्थित होगा, जबकि सूर्य सिंह राशि में होगा।
💫🦁 कुंभ-सिंह राशि की धुरी स्वयं तथा समाज के प्रति स्वतंत्रता की थीम को उजागर करेगी। इस पूर्णिमा में हम नए के प्रति तीव्र आकांक्षा, अपनी प्रतिभाओं को प्रकट करने की अदम्य इच्छा को तीव्रता से महसूस कर सकते हैं। किंतु नए पर ध्यान केंद्रित करने के लिए हमें उन सभी अनावश्यक चीजों से मुक्त होना आवश्यक है जो वर्तमान में हमारे जीवन को भर रही हैं। हममें से अनेक लोग जीवन की परिस्थितियों के ऐसे गतिरोध में हैं जब यह स्पष्ट नहीं होता कि आगे किस दिशा में बढ़ा जाए। जब सामाजिक ग्रह प्रत्यावर्ती गति में हैं, तो हमें चारों ओर अनिश्चितता का अनुभव हो सकता है। यह अनेक विकल्पों की बहुलता अथवा स्वयं के लिए उपयुक्त कुछ खोजने में असमर्थता के रूप में प्रकट हो सकता है। किंतु चाहे जो भी हो, वर्तमान में हमें अपने जीवन पर ध्यानपूर्वक दृष्टि डालनी चाहिए ताकि यह समझ सकें कि परिस्थितियाँ हमारे भूतकाल की इच्छाओं के अनुरूप ही घटित हो रही हैं। अर्थात्, आज की घटनाओं से हमारा जुड़ाव हमारे पूर्व के उन इच्छाओं से है जिनसे हम बंधे हुए हैं। अपने इन संबंधों के प्रति अपना दृष्टिकोण परिवर्तित कर हम इस निर्भरता से सरलता से मुक्त हो सकते हैं।
🎆 जब हमारी कोई इच्छा अथवा लक्ष्य होता है, तो बाह्य परिस्थितियाँ हमें आगे बढ़ाने वाले ज्ञान प्रदान करती हैं। वर्तमान में हम नए समान विचारों वाले लोगों के समूहों में प्रवेश कर सकते हैं ताकि उन बातों को आत्मसात कर सकें जिनकी हमें वर्तमान में आवश्यकता है – यह केवल सूचना ही नहीं, अपितु विचार करने का ढंग, विचारों तथा आंतरिक अनुभूतियों की सूक्ष्म तरंगें भी हो सकती हैं जो कालांतर में हमारे भीतर प्रकट होंगी। हम वर्तमान में उन क्रांतिकारी परिवर्तनों के लिए तैयार हैं जो लंबे समय से परिपक्व हो रहे हैं। किंतु इन प्रवृत्तियों को स्पष्ट लक्ष्यों तथा निर्णयों में तब्दील होने में सिंह राशि में होने वाले अमावस्या तक का समय लगेगा।
🤔 इस अवधि को उन लोगों द्वारा तीव्रता से अनुभव किया जाएगा जिनके कुंडली में यह धुरी ग्रहों द्वारा प्रमुखता प्राप्त करती है। अपने कुंडली में उन भावों को देखें जिनमें पूर्णिमा पड़ रही है। इस प्रकार पूर्णिमा उन विषयों को उजागर करेगी जो वर्तमान में आपके लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण हैं।
💥 पूर्णिमा के दिन चंद्रमा शनि तथा प्लूटो के मध्य स्थित होगा। अतः आप विश्वास रखें कि जीवन की परिस्थितियों से उत्पन्न आपके अनुभव तथा भावनाएँ समाज तथा उन कुछ लोगों द्वारा भी व्यक्त किए जा रहे हैं जिन पर आप निर्भर हैं। वर्तमान में संतुलन की खोज के लिए यह एक स्वाभाविक स्थिति है, इस निर्भरता को आपने अपने भूतकाल में निर्मित अथवा स्वीकार किया है। अतः न तो अपनी इच्छाओं का प्रतिरोध करें, न ही बाह्य प्रभावों का, अपितु एक स्वीकार्य समझौता खोजें – जो आपके सृजनात्मकता का ही प्रकटीकरण होगा।
👆 पूर्णिमा के दिन अपने सभी इंद्रियों द्वारा ग्राह्य अनुभवों के प्रति सजग रहें – यही आपके लिए सत्य है। विशेष रूप से जागने के पश्चात् जब आपका बोध कल के अनुभवों से अप्रभावित रहता है। उन बातों पर ध्यान दें जो आपको सच्चे आश्चर्य अथवा प्रेरणा से भर देती हैं – इन्हीं को अपने चंद्र मास के शेष काल तक अपनी शक्ति का स्रोत बनने दें। पूर्णिमा के दिन दूसरों के व्यवहार में उद्दीप्त करने वाले लक्षण दिखाई दे सकते हैं, इसे व्यक्तिगत रूप से न लें, किंतु उन समूहों की खोज करें जिनमें आपको सहजता महसूस हो।
💪 आपकी स्वयं के प्रति ईमानदार रहने की शक्ति की कामना!