🌕 पूर्णिमा सिंह राशि में ♌️ 16 फरवरी
⏰ पूर्णिमा की घटना 16 फरवरी को रात 6:55 बजे (कीव समय) और 4:55 बजे (ग्रीनविच समय) होगी। यह सिंह राशि के 28 अंश में घटित होगी।
🌝 पूर्णिमा के दौरान सिंह- कुंभ राशि की धुरी सक्रिय हो जाती है। हमारे सामने ऐसे प्रश्न तीव्रता से उठेंगे जिनमें हमारे जीवन में व्यक्तिगत और सामूहिक के बीच का संघर्ष मौजूद होता है। हम यह निर्णय लेने का प्रयास करते हैं कि हमारे लिए क्या महत्वपूर्ण है – हमारी इच्छाएं अथवा हमारे कर्तव्य। पूर्णिमा के दौरान चंद्रमा की शक्ति अधिक होती है, किंतु इस बार सूर्य सहित अधिकांश ग्रह इसके विपरीत स्थिति में हैं। चूंकि इस समय सभी शक्तियां संतुलन की ओर प्रयासरत होंगी, इसलिए बाहरी परिस्थितियां अत्यधिक दबाव डाल सकती हैं, जिससे हमारे भीतर तीव्र भावनात्मक तनाव उत्पन्न हो सकता है, यहां तक कि उत्साह अथवा हिस्टीरिया तक। यदि आप अपने जीवन में सहज स्थिति में हैं, तो बाहरी कारकों के प्रभाव को थोड़ा कम करके आप स्वयं अपनी वास्तविकता निर्माण करने की शक्ति का अनुभव कर सकते हैं।
🌞 सिंह राशि में चंद्रमा अपनी शक्ति सूर्य को प्रदान करता है, और जब हम अपने चारों ओर की वास्तविक स्थिति को देखने और समझने से नहीं डरते, तो सूर्य हमारी जीवन को उजागर करता है। पूर्णिमा के दौरान सूर्य सामाजिक ग्रहों, बृहस्पति और शनि, से घिरा हुआ है – अपने कर्तव्यों को समझते हुए और नए अवसरों की ओर प्रयासरत। इस समय मुख्य बात यह है कि स्वयं की समस्याओं से बचने के लिए सामाजिक उथल-पुथल के पीछे न छिपें। चाहे आप स्वयं से भागने का कितना भी प्रयास करें, बाहरी कारक केवल उन्हीं बातों को उजागर करेंगे जो आपके भीतर सुलग रही हैं और फूट पड़ने को तैयार हैं।
🔋 पूर्णिमा हमारे विश्व के प्रति हमारी धारणा में स्पष्टता लाती है – हम समझते हैं कि हमारी इच्छाएं और आकांक्षाएं हमें कहां ले जाती हैं, क्या हमें समृद्ध करता है और क्या बोझिल बनाता है। यह पूर्णिमा 17वें चंद्र दिवस में घटित होगी, जब किसी भी निर्णायक फैसले से बचना चाहिए, अन्यथा आप ‘अति’ कर सकते हैं। वर्तमान में आपके पास उत्कृष्ट अवसर है कि आप उन ऊर्जा के स्रोतों को खोज सकें जो आपको समृद्ध करते हैं और उनके साथ संपर्क स्थापित अथवा पुनर्स्थापित कर सकें।
💪 इस समय शुक्र और मंगल संयोग में हैं – सक्रिय प्रक्रियाएं अधिक शांतिपूर्ण ढंग से, बिना विनाश के आगे बढ़ती हैं। इसके विपरीत, मकर राशि की ऊर्जाएं नए कदमों की नींव रखने और वर्तमान प्रश्नों को व्यवस्थित करने में सहायक होती हैं। किंतु इसके साथ ही हम अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने की प्रक्रिया का आनंद लेते हुए ‘अटक’ सकते हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि हम अच्छे से प्रक्रिया का आनंद ले रहे हैं, किंतु इसके साथ ही लक्ष्य और सतर्कता को न खोना भी महत्वपूर्ण है।
☝️ पूर्णिमा के दौरान स्वयं को अधिक परिश्रम से बचाएं। इस समय को अपने लिए आरामदायक वातावरण में, उन लोगों के साथ बिताएं जो आपकी रचनात्मकता को प्रकट करने में सहायक हों। भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बेहतर है बचें – बाहरी हलचल और आनंद सभी के लिए स्वयं को सुनने में सहायक नहीं होते। अपने आंतरिक विचारों और इच्छाओं पर ध्यान दें – वे अत्यंत स्पष्ट हो सकते हैं। यदि आपके जीवन में किसी प्रकार के संदेह मौजूद थे, तो इस समय आप आसानी से निर्णय ले सकते हैं, किंतु आपके निर्णय आपके स्वयं के इच्छाओं से निकलेंगे, समाज द्वारा स्वीकृत बातों से नहीं। बहुत सी बातों को नए दृष्टिकोण से देखा जा सकता है, इन छवियों को याद रखें ताकि भविष्य में वास्तविकता की अनुभूति को न खोएं।
😍 आपकी आंतरिक ऊर्जात्मक संतुलन की प्राप्ति हो!