भय मनुष्य को अंधकार में धकेल देता है। इस अवस्था में आप अपने चारों ओर क्या घटित हो रहा है, इसे देख पाना असंभव हो जाता है—सब कुछ कल्पनाओं से विकृत हो जाता है। मनुष्य समझ नहीं पाता कि संभावित खतरे से बचने के लिए क्या किया जाए, और इस अंधकार में वह जकड़ा रहता है। भय युद्ध में इस्तेमाल किया जाने वाला एक प्रभावी हथियार है। किंतु भय और आक्रोश के मिलन से उत्पन्न क्रोध का तूफान उस अंधकार को दूर कर देता है। तब भय के स्रोत को आसानी से पहचाना जा सकता है और उपलब्ध साधनों से उसकी जड़ों को तोड़ा जा सकता है।
📅 28 जून – मंगलवार
♊️ चंद्रमा मिथुन/कर्क ♋️
🌑 29वाँ चंद्र दिवस
आज का दिन परीक्षणों और चुनौतियों से भरा हुआ है। स्वाभाविक है कि ऐसी स्थितियों में हम असहज महसूस करते हैं। किंतु इस समय हमारी जीवन में क्या गलत हो रहा है, इसे स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। इसलिए हम उन सभी अनावश्यक और हानिकारक चीज़ों को दूर कर सकते हैं, जो वर्तमान में हमारे लिए हानिकारक हैं। यह प्रक्रिया हमारे विकास का स्वाभाविक अंग है, जब हम अपने जीवन के हर क्षेत्र से संचित कचरे को साफ करते हैं, ताकि कल हम आसानी से सांस ले सकें और आगे बढ़ सकें।
आज हर स्थिति के प्रवाह पर ध्यान देना अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रयास करें कि समझें कि वह आपके लिए क्या प्रतीक है, और उसे स्वतः ही न छोड़ें—किसी भी प्रकार की सफाई को तार्किक अंत तक पहुँचाएँ। हम अपने प्रत्येक विचार, शब्द और कर्म के प्रति उत्तरदायी हो सकते हैं, जो हमने अज्ञान के प्रभाव में उत्पन्न किए थे। स्वयं और अपने भाग्य के प्रति असंतोष केवल आंतरिक और बाह्य दबाव को बढ़ाएगा। प्रयास करें कि जो कुछ आपके साथ घटित हो रहा है, उसे हल्के से लें।