गति वृत्ताकार दिखती है मूर्खतापूर्ण और निरर्थक, यदि द्विविमीय परिप्रेक्ष्य से देखा जाए। किंतु यदि बहुआयामी दृष्टि से स्थिति को देखें, तो वृत्ताकार गति कम से कम सर्पिल गति हो सकती है। तब उस स्थिति की ओर लौटना, जिसने तुम्हें दूसरा बना दिया, स्वयं में हुए परिवर्तन की सीमा को समझने और अपने तथा जगत् के प्रति बोध के नवीन स्तर तक पहुँचने का अवसर होता है। ऐसा सर्पिल गति मानव जीवन में ही नहीं, अपितु समस्त राष्ट्र के जीवन में भी घटित होती है। विश्वास है कि हम नवीन स्तर की ओर बढ़ रहे हैं, ताकि हमारे भावी जीवन में ऐसे पुनरावृत्तियों का अभाव रहे।
📅 11 जुलाई – सोमवार
☉ चंद्रमा धनु राशि में
🌙 12/13 चंद्र दिवस
आज का दिन स्वयं के स्थान और इस जगत् में अपनी भूमिका पर चिंतन करने का उत्तम अवसर है। व्यग्रता और शीघ्रता न करें, अपनी ऐसी लय खोजें जो आंतरिक और बाह्य जगत् को एकीकृत कर सके। अचानक परिवर्तन की आकांक्षा न रखें—प्रारंभ में उन सभी बातों पर विचार करें और उन्हें पूर्णतः स्वीकार करें, जो वर्तमान में आपके जीवन को परिपूर्ण कर रही हैं। अनुभव करें कि जो कुछ भी इसमें विद्यमान है, वही ‘आप स्वयं’ हैं। आप वर्तमान में ही स्वीकार और प्रेम के पात्र हैं, जैसे कि आपके भीतर और आपके परिवेश में विद्यमान सब कुछ है। परिस्थितियों और लोगों के प्रति आपकी कृतज्ञता आज के दिन के सर्वोत्तम पक्ष को देखने में सहायक होगी।
इस दिन मनोकामनाएँ पूर्ण करने तथा लक्ष्य निर्धारित करने के लिए यह उत्तम समय है। यदि आप अपने जीवन के प्रवाह में हैं, तो आपकी आकांक्षाएँ स्वाभाविक रूप से आपके जीवन में समाहित हो जाएँगी और आज ही आप परिवर्तनों का आरंभ देख सकेंगे।
सायंकाल अपने मनपसंद कार्यों में संलग्न हो जाएँ। अपनी सर्जनात्मक ऊर्जा को जागृत करें, ताकि अपनी प्रतिभा और संभावनाओं को अधिक स्पष्ट अनुभव कर सकें। यदि आपकी सृजनात्मक अभिव्यक्ति आपके आज के बोध और अनुभूतियों को प्रतिबिंबित करे, तो अत्यंत उत्तम होगा। स्वयं को अभिव्यक्त करते हुए बाह्य जगत् के लिए सुलभ और उपयोगी बनने का प्रयास करें।