दुनिया बेहद तेजी से बदल रही है। और आज हम अतीत की कमी के कारण उसकी यादें ताज़ा कर सकते हैं। मगर अगर आप समझ जाएं कि आप अपने जीवन में क्या लाना चाहेंगे (ज़्यादातर मामलों में यह ठोस चीज़ें या अनुभूतियां होती हैं), तो आप अपना ध्यान तन्हाई पर केंद्रित करने के बजाय अपनी ज़रूरतों को पूरा करने और अतीत से दर्दनाक लगाव से मुक्त होने पर लगा सकेंगे।
📅 2 अक्टूबर – रविवार
♐️ चंद्रमा धनु/🐐 मकर राशि ♑️
🌙 7/8 चंद्र दिवस
दोपहर के पहले हिस्से में अपनी बातों पर ध्यान देना जारी रखें। झूठ न बोलें। बेहतर तो यही होगा कि चुप रहें, मगर जो आप खुद नहीं मानते उसे न कहें। अपने भावनाओं पर नज़र रखना ज़रूरी है – हमारी भावनात्मक स्थिति बहुत अस्थिर है, इसलिए कभी खुशी तो कभी उदासी हावी हो सकती है। ऐसी स्थिति में अपने शब्दों पर नियंत्रण रखना मुश्किल हो जाता है, इसलिए लंबे समय से मन में जमा गुस्सा बाहर निकल सकता है।
दोपहर के दूसरे हिस्से में भावनात्मक तनाव और बढ़ सकता है। इसलिए आप और दूसरों दोनों में अप्रत्याशित भावनात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं। इस समय दूसरों और खुद पर गुस्से तथा नाराज़गी पर काम करना अच्छा रहेगा, अप्रिय स्थितियों पर पुनर्विचार करें। अभी उन विषयों में गहरे बदलाव संभव हैं जिन पर हम सचेतन ध्यान देंगे। खुद को काम और दूसरों की समस्याओं/चिंताओं से ज़्यादा न भरें। ध्यान उन्हीं बातों पर केंद्रित करें जो आपको परेशान कर रही हैं। शाम को आग के सामने बैठना शुभ रहेगा।