पहली छमाही दिन हमारे जीवन के विवरणों पर जोर देगी। अपने आप से अप्रत्याशित रूप से, हम स्वयं ऐसा कह सकते हैं या दूसरों से सुन सकते हैं, जो पहले महत्वपूर्ण नहीं था, लेकिन अब यह वास्तविकता में सामंजस्यपूर्ण रूप से फिट बैठता है। इसलिए अपने आस-पास मौजूद हर चीज़ के प्रति सजग रहें, ताकि आप पूर्णता का अनुभव कर सकें। व्यक्तिगत सत्य की खोज में — लोगों से बात करें और अपने विचारों तथा भावनाओं को ज़ोर से व्यक्त करें।
इस समय आप उन घटनाओं को बदलने में सक्षम हैं, जैसे आप उनके बारे में बात करते हैं। कुछ भी नगण्य न समझें, किंतु आज की प्रत्येक स्थिति के प्रभाव को अतिरंजित भी न करें। वर्तमान घटनाओं को ऐसे ही स्वीकार करें, जैसे वे इस क्षण में हैं, अपनी इच्छाओं और भय के भार से उन्हें लादे बिना, तब आप जान पाएंगे कि कौन-से परिवर्तन संभव हैं।
दिन का दूसरा भाग स्वयं के साथ आंतरिक संवाद के लिए शक्ति प्रदान करेगा। इस समय आपके स्मृति में उभरने वाली उन स्थितियों के प्रति सजग रहना अत्यंत प्रभावी होगा, जिनमें आप दूसरों के साथ अंतर्क्रिया करते थे। अतीत की घटनाओं को याद करने मात्र से उत्पन्न होने वाला कोई भी तनाव भावनात्मक लगाव का संकेत देता है। अपने बोध में उन्हें सुलझाएं, ताकि हल्कापन महसूस हो सके। जितना अधिक आप स्वयं के प्रति खुले रहेंगे, उतने ही बड़े परिवर्तन आप स्वाभाविक रूप से कर पाएंगे।