नवीन चंद्रमा उदय होगा 13 नवंबर को 12:28 कीव समय (09:28 जीएमटी)। यह वृश्चिक राशि के 21 अंश में होगा।
वृश्चिक राशि में नवीन चंद्रमा हमारे आंतरिक संसाधनों तक पहुंच खोलता है। इस अवधि में हमारी सभी आकांक्षाओं को आगे की प्राप्ति के लिए ऊर्जावान आवेश मिलेगा। आप जहां अपना ध्यान केंद्रित करेंगे, वहीं आपकी ऊर्जा प्रवाहित होगी। इस समय अपने बलों को पुनः प्राप्त करना और अपनी ऊर्जावान पूंजी को भरना महत्वपूर्ण है। तैयार रहें कि बाहरी घटनाएं आपकी सहायता करेंगी, किंतु हमेशा कोमलता से नहीं – जीवन की परिस्थितियां विभिन्न तरीकों से आपको कार्य करने के लिए प्रेरित कर सकती हैं।
ग्रहणों के गलियारे की अवधि में स्थापित परिवर्तन अब आपकी जीवन मूल्यों पर प्रभाव डालेंगे तथा आपको परिवर्तन की ओर ले जाएंगे। संभवतः नए के लिए अधिक स्थान या आपमें नई विशेषताओं की आवश्यकता होगी। इस कारण परिवर्तन की प्रक्रियाएं आपके संपूर्ण जीवन को प्रभावित कर सकती हैं। दूसरों के लिए यह अस्पष्ट और अभी तक अदृश्य हो सकता है, इसलिए उनकी भ्रमित स्थिति के प्रति धैर्य रखें।
इस माह में ऐसी जटिल भावनाएं उभर सकती हैं जो आपके लिए महत्वपूर्ण व्यक्ति से जुड़ी हों। अपने भावों से न डरें – दर्द के गठ्ठे को सुलझाने के लिए उसे हाथ में लेना आवश्यक है। किंतु अपना ध्यान सदैव अपने अनुभवों पर केंद्रित रखें और दूसरों द्वारा चुने गए अनुभव के प्रति सम्मान रखें।
दोनों ज्योतिषीय पिंडों का मंगल से संयोग आपको कार्य में दृढ़ता और बाहरी मामलों में सक्रियता प्रदान करेगा। इस समय आपकी सक्रियता की कुंजी आपके आंतरिक इच्छाओं में निहित है। अतः विश्वास रखें कि आपकी उत्कट इच्छा और कुछ विषयों अथवा कार्यों के प्रति लगन आपके लिए उनकी सच्चाई को उजागर करेगी।
नवीन चंद्रमा के दौरान हम कार्य करने की अनिच्छा अथवा विश्राम की अनुभूति कर सकते हैं – इस समय ऊर्जाओं में परिवर्तन होता है तथा इसी के साथ प्रक्रियाओं की वास्तविक समझ और उनके साथ तालमेल बैठता है। वृश्चिक की ऊर्जाएं अत्यंत प्रबल हैं, इसकी शक्ति हमारे संपूर्ण जीवन को आच्छादित करती है तथा असुविधाजनक प्रतीत हो सकती है। किंतु ध्यान दें कि असुविधा केवल उन्हीं विषयों में है जहां हमें कुछ छिपाना होता है। अन्यथा यह हमारे विकास के लिए सीधे-सीधे कार्य करती है।
जीवन के प्रति उत्कट इच्छा एवं प्रेरणा का अनुभव करने की कामना!