पहली छमाही भावनाओं से भरपूर रहेगी। भले ही स्थिति वस्तुनिष्ठ रूप से महत्वहीन हो, आपके दृष्टिकोण में वह उतनी ही महत्वपूर्ण होगी, जितनी आपकी भावनाओं को प्रभावित करेगी। इसलिए इस समय उन कार्यों को शुरू न करें जिनमें ध्यान और जिम्मेदारी की आवश्यकता होती है। आप सहज निर्णय लेने की ओर प्रवृत्त होंगे। इसका मतलब यह नहीं कि ये निर्णय गलत होंगे, मगर वे असंगत हो सकते हैं और आपको पर्याप्त आत्मविश्वास नहीं देंगे।
आज लोग अपने अनुभव दूसरों के साथ बाँटने की चाह रखेंगे। इसलिए दूसरे लोग आपको अपने विचारों और कहानियों के प्रवाह में बहा सकते हैं। इस समय वे खुले होंगे, मगर बाहरी हस्तक्षेप के प्रति अत्यंत संवेदनशील भी। इसलिए अपने विचारों को व्यक्त करने और सलाह देने में सावधानी बरतें।
दूसरी छमाही हमें अपने आंतरिक अनुभवों की जटिलताओं को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेगी। हमारे सभी भाव और विचार बाहरी दुनिया की घटनाओं में प्रकट होंगे। विकृति केवल हमारे दृष्टिकोण और स्वयं के प्रति ईमानदार रहने की तैयारी में उत्पन्न हो सकती है। कुछ स्थितियाँ गंभीर या अत्यंत निरर्थक लग सकती हैं, मगर इसका उद्देश्य यही है कि हम उन्हें निश्चित रूप से देखें। वर्तमान घटनाएँ भविष्य के केवल प्रारूप हैं—यदि आज हम अपने विचारों और कार्यों में परिवर्तन करते हैं, तो घटनाएँ भी शीघ्र ही अपना विकासात्मक मार्ग बदल लेंगी।