आज भावनाओं और शब्दों पर नियंत्रण रखना महत्वपूर्ण है। भावनाएँ हमें भर सकती हैं और दूसरों पर आरोप-प्रत्यारोप तथा व्यंग्य की वर्षा कर सकती हैं। ऐसा संवाद अपमान और निराशा उत्पन्न कर सकता है। भावनात्मक अस्थिरता निरर्थक भागदौड़ और विनाशकारी संघर्षों की ओर ले जाती है। संघर्षों से बचने के लिए दूसरों के प्रति धैर्य रखें। स्वयं भी उस प्रलोभन में न आएं कि दूसरों की निंदा करें या जहाँ आपसे पूछा नहीं गया हो, वहाँ हस्तक्षेप करें।
आज हमें अपनी उपलब्धियों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने या भूतकाल की घटनाओं को कल्पना से सजा देने की इच्छा हो सकती है। किंतु यहाँ तक कि छोटा-सा झूठ भी प्रकट हो जाएगा और स्वयं को असुविधा की स्थिति में डाल देगा। इसलिए स्वयं के बारे में अधिक बात करने से बचें—आपकी वास्तविक पहचान आपके कर्मों से प्रकट होती है। यदि आप आलोचना का सामना करते हैं, तो विचार करें कि आपके व्यवहार में ऐसा क्या है जो इसे जन्म देता है।
इस समय बाहरी सक्रियता से बचना बेहतर है। नए कार्य आगे चलकर लंबे समय तक और असमान रूप से विकसित होंगे। खरीदारी करने से भी बचें। किंतु दिन के कार्यों के साथ आप स्वयं में जीवन का ज्ञान पा सकते हैं—यह समझ सकते हैं कि आपके आस-पास कौन क्या है, दूसरों की कमज़ोरियों और दुर्बलताओं को बेहतर ढंग से देख सकते हैं, और इस प्रकार वर्तमान परिस्थितियों की गहरी समझ प्राप्त कर सकते हैं।