18 सितंबर को सुबह 5:35 बजे (कीव समय) / 2:35 GMT पर आंशिक चंद्र ग्रहण होगा।
यह ग्रहण मीन राशि के 26 अंश में होगा। इस राशि की ऊर्जाएँ हमें वास्तविकता से दूर कल्पनाओं की ओर ले जा सकती हैं। वास्तव में हम अपने आंतरिक अनुभवों, सपनों और पूर्वाग्रहों के प्रति अत्यंत संवेदनशील हो जाते हैं। इसलिए बाहरी घटनाएँ हमारी आंतरिक भावनाओं को उजागर करेंगी, ताकि हम स्वयं को बेहतर ढंग से समझ सकें और महसूस कर सकें। इस समय हम उन चीज़ों को छोड़ सकते हैं या छोड़ सकते हैं जो हमारे विकास में सहायक नहीं हैं।
18 सितंबर से इस वर्ष के शरद ऋतु के ग्रहण गलियारे का आरंभ होता है। अगला ग्रहण सूर्य ग्रहण होगा, जो तुला राशि में होगा। इसलिए इस अवधि में आंतरिक प्रश्नों की स्पष्टता और समापन भविष्य में दूसरों के साथ संबंधों को सुधारने और अपने सामाजिक स्थान की खोज में सहायक होगा।
ग्रहण के दौरान चंद्रमा नेप्च्यून से जुड़ रहा है, जो प्रतिगामी गति में है। इसलिए हमें निराशाओं का सामना करना पड़ सकता है जो अतीत से जुड़ी हैं – इस पर अधिक ध्यान केंद्रित नहीं करना चाहिए, क्योंकि ऐसी निराशाएँ केवल इस बात पर जोर देती हैं कि हम बदल रहे हैं और घटनाओं तथा स्वयं को नए तरीके से देखने में सक्षम हैं। वर्तमान में भावनात्मक अनुभव ध्यान की अवस्था की तरह हो सकते हैं, जो हमारी स्वयं की गहराई और बाहरी स्थितियों की विविधता को एक साथ प्रकट करते हैं। किंतु दूसरों को नुकसान पहुँचाने से बचने के लिए भावनात्मक प्रतिक्रियाओं में संयम बरतना आवश्यक है।
इस समय सामाजिक प्रक्रियाएँ हम पर दबाव डाल सकती हैं, जिससे प्रत्येक व्यक्ति घटनाओं के उथल-पुथल में आगे बढ़ने के लिए मजबूर हो सकता है, भले ही स्पष्टता और मजबूत आधार की कमी हो। इसके विपरीत, हम बड़े पैमाने की संरचनाओं, भावी प्रवृत्तियों तथा परिवर्तन में शक्ति खोजने की क्षमता में समर्थन पा सकते हैं।
वर्तमान अवधि से गुजरने में विश्राम सहायक हो सकता है। वास्तविकता से अपना संबंध न खोएँ और बाहरी परिस्थितियों तथा आंतरिक इच्छाओं में निरंतर परिवर्तन के बीच शांति की तलाश करें। 16वें चंद्र दिवस के कारण ऐसा करना संभव होगा, इसलिए व्यस्त कार्य के बीच भी आप आनंद और विश्राम के लिए समय निकाल सकेंगे।
ग्रहण वाले दिन (चूँकि यह सुबह जल्दी होता है, इसलिए पूर्व संध्या की शाम भी) को अधिक निष्क्रिय रूप से व्यतीत करना महत्वपूर्ण है। इस समय हमारी भावुकता बढ़ जाती है, इसलिए सक्रिय गतिविधियों द्वारा अतिरिक्त अनुभवों को प्रेरित न करें। इसके अतिरिक्त, आप निराशा महसूस कर सकते हैं, क्योंकि बहुत सी महत्वपूर्ण चीज़ें जो पहले मौजूद थीं, बदल रही हैं और हमारी वास्तविकता से गायब हो रही हैं, जिसे हम देख नहीं पा रहे किंतु महसूस कर रहे हैं। परिवर्तनों को स्वीकार करने में हमारी मदद करने के लिए शुद्धिकरण प्रक्रियाएँ तथा आसपास की दुनिया की सुंदरता पर ध्यान केंद्रित करना अच्छा रहेगा। आसपास की सुंदरता हमारे स्वयं के आंतरिक जगत की सुंदरता की अनुभूति को बढ़ावा देती है।
वर्तमान में जल तत्व कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए अधिक मात्रा में शुद्ध जल पीना महत्वपूर्ण है, यह हमारे सभी स्तरों पर शुद्धिकरण में सहायक होगा। किंतु इसके साथ ही जल तत्व के व्यापक प्रकटीकरण के साथ बातचीत में सावधान रहें – वर्तमान में खुले जलाशयों या समुद्र में तैरने से बचें।
हमारी कामना है कि उथल-पुथल भरे परिवर्तनों के बीच भी हमें कुछ सुखद और लाभकारी मिले।