पहले भाग में दिन के दौरान दूसरों के व्यवहार के प्रति धैर्य रखें। इस समय अन्य लोग अपनी बातों को लेकर बहुत ज़्यादा आश्वस्त हो सकते हैं और अपने विचारों तथा इच्छाओं की ज़ोरदार तरीके से रक्षा करने को तैयार रहते हैं। इसलिए दूसरों के तर्क बहुत कठिनाई से और व्यक्तिपरक रूप से स्वीकार किए जाते हैं, जिसके कारण लोगों के बीच इस आधार पर बहुत ग़लतफ़हमियाँ और विवाद हो सकते हैं। इस समय सबसे महत्वपूर्ण है कि आप विवाद में न पड़ें, जिसके बारे में आप बाद में पछतावा कर सकते हैं।
दूसरे भाग में दिन के दौरान अप्रिय भावनाएँ दूर हो जाएँगी। हम उत्साह और अच्छे मनोदशा से भर जाते हैं। अंतर्ज्ञान बहुत अच्छा काम करेगा, इसलिए कई मामलों में हम अपने लिए सही उत्तर तथा अपनी ओर से कार्य योजना को अच्छी तरह समझ पाएँगे। स्वयं पर ध्यान दें, ताकि यह समझ सकें कि अभी आपको क्या ज़्यादा ज़रूरी है – शक्ति की पुनः प्राप्ति या बाहरी दुनिया के साथ ऊर्जाओं का सामंजस्य – सक्रिय गतिविधि के माध्यम से अथवा विश्राम के द्वारा।
शाम को परिवार तथा पारिवारिक परंपराओं पर अधिक ध्यान दें। पारिवारिक संबंधों की मज़बूती तथा अपने जीवन पर प्रत्येक निकट व्यक्ति के अचेतन प्रभाव को महसूस करें।