प्रातःकाल हमारे शब्दों का प्रभाव अभी भी काफी प्रबल होता है। इसलिये स्वयं और अपने आस-पास वालों के लिये शुभकामनाएँ व्यक्त करने के लिये कहे गये शब्दों की शक्ति का उपयोग करें। इस समय आप जो भी व्यक्त करना चाहेंगे, शब्द स्वयं ही आपके लिये चुन लिये जायेंगे। आपकी शुभकामनाएँ सर्वोत्तम रूप से पूरी होंगी, परन्तु झूठ बोलना अथवा चापलूसी करना उचित नहीं है। यदि कुछ कहना नहीं जानते, तो बेहतर है कि मौन रहें।
दिन की निरंतर ऊर्जाएँ हमारा ध्यान आंतरिक अनुभूतियों पर केंद्रित करती हैं। आज स्वयं को समझने के प्रति गहरे आंतरिक परिवर्तन हो रहे हैं। इसलिये यदि आपके मन में अपराध-बोध अथवा आहत भावनाएँ हों, तो इस समय इनसे मुक्त होने के लिये अवसर खोजना महत्वपूर्ण है। इस समय को समर्पित करके आप न केवल अपने अन्तर्मन को शुद्ध कर सकेंगे, अपितु स्वयं और अपने उद्देश्यों के प्रति नयी समझ भी प्राप्त कर सकेंगे।
सायंकाल अग्नि के समीप रहना उत्तम रहेगा। यह तत्त्व आपको चिंताओं से मुक्त कर नवीन प्रबोधन प्रदान कर सकता है। अग्नि को देखते हुए आप सहज ही अनावश्यक भार त्याग सकते हैं और शुद्ध ऊर्जा से भर सकते हैं।