आज का सुबह शांतिपूर्वक व्यतीत करें। संभवतः रात भर आपके मन में बने भावों के संगम से आप कल जो बातें लेकर चिंतित थे, उनके प्रति आपका दृष्टिकोण बदल गया हो। मगर अभी नए तरीके से कार्यवाही करना उचित नहीं होगा, क्योंकि ऐसा करने पर आप अपने निर्णय पर पश्चाताप कर सकते हैं। अभी बेहतर यही होगा कि आप स्वयं को तैयार करें और बाहरी परिस्थितियों को इस प्रकार व्यवस्थित करें कि आपकी मनोकामना सहजता और प्रभावी ढंग से पूरी हो सके।
दोपहर के मध्य तक हमारे आंतरिक भाव अधिक सकारात्मक हो जाएंगे। इसका कारण यह है कि हम स्वयं अपने ध्यान को उन बातों पर केंद्रित करते हैं जो हमें प्रसन्न करती हैं। यद्यपि यह वास्तविकता को इच्छा के रूप में देखने जैसा हो सकता है, मगर इससे हमें यह समझने में मदद मिलती है कि हमारे लिए क्या महत्वपूर्ण और रुचिकर है तथा क्या हम कठिनाइयों और चुनौतियों के रूप में देखते हैं।
इस समय किसी भी प्रकार की समझौतों और संवाद में सावधान रहें। स्पष्ट समय सीमा निर्धारित न करें और न ही अपेक्षित कदमों की सूची तैयार करें—यह दृष्टिकोण अत्यधिक आशावादी हो सकता है। दूसरों की इच्छाओं के पीछे न चलें, क्योंकि समय के साथ वे आपके लिए बोझ बन सकते हैं। जितना अधिक आप आज अपने प्रति ईमानदार रहेंगे, उतनी ही आसानी से आप दूसरों के साथ संबंधों में गलतियों से बच सकेंगे।