26 ग्रह बुध तथा वृश्चिक।
ग्रह किस अंश पर है, यह केवल गणना में दिखता है: अपने ग्रहों के अंश मिनट तक की सटीकता से देखें हर ग्रह की राशि और भवन के साथ।
अस्थिरता, अनिर्णय, परिवर्तन। प्रतिकूल संपर्क, विवाद, गुमनाम पत्र। गिरने के दौरान चोट लगने का खतरा (पी.ग्लोबा)।
गिरने का खतरा, कारण – सीमित परिस्थितियाँ, बातूनीपन। सूर्य ग्रह (याकोव केफेर)।
महत्वपूर्ण ग्रह (चंद्रमा की दशम स्थिति)। “महलों के पुस्तकालय में अतिथि पढ़ रहे हैं” – सामाजिक विशेषाधिकारों का स्तर ज्ञान के आनंद तक पहुँचना। सूचना का वर्ग स्तर (डी.राडार)।
“प्रकाशमान” – व्यक्ति जिसके महत्वाकांक्षाएँ इतनी प्रबल हैं कि उसे अचानक प्रसिद्धि एवं सफलता प्राप्त हो सकती है। सामान्यतः विश्लेषक, रहस्यवादी अथवा सौंदर्यशास्त्री (बी.इस्राएलियर)।
जीवन में बार-बार परिवर्तन; गिरने एवं गंभीर चोट लगने का खतरा (ओ.त्रोयानोवस्की)।
बुध ग्रह। उर्वरता ग्रह, अस्थिरता, अनिर्णय, परिवर्तन, विवाद ग्रह। प्रतिकूल संपर्क। अशुभ ज्योतिष चार्ट एवं मंगल के प्रभावित होने पर – चोट लगने का खतरा, विशेषतः हाथ-पैर, हिंसक मृत्यु की संभावना, विशेषकर यदि इस ग्रह में कोई प्रबल ग्रह स्थित हो। प्रबल लिलिथ होने पर – कपट, विश्वासघात। सर्वाधिक बुरे मामले में – समझौतावादी प्रवृत्ति, कूटनीति (टेबोइयन कैलेंडर)।
मंगल एवं प्लूटो ग्रह। “तीरंदाज जो आठ बार निशाना चूक गया, नौवें प्रयास में लक्ष्य भेदता है” – दृढ़ आत्मा वाले व्यक्ति जो विफलताओं के आगे झुकने को तैयार नहीं। चाहे विफलताएँ बार-बार आएँ, वे उसके लक्ष्य से ध्यान नहीं हटा सकतीं, क्योंकि उसके मन में यह ज्ञान है कि अंततः सफलता अवश्य आएगी। ऐसा व्यक्ति अपने प्रयासों में क्रमिक एवं व्यवस्थित रहता है तथा किसी नए कार्य को तब तक आरंभ नहीं करता जब तक वर्तमान कार्य पूर्ण न हो जाए। यह निर्भीकता का प्रतीक है (आई.कोस्मिन्स्की)।




