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28वाँ चंद्र दिवस

28वाँ चन्द्र दिवस

पी.पी.ग्लोबा. चन्द्रमा क्या चुप रहता है

प्रतीकात्मक संगति: सूर्य, 25वाँ अंश कुम्भ – 6वाँ अंश मीन

क्रिया: दान।

नाम: कमल।

प्रतीक – कमल।

अनुकूल दिवस, सूर्य का दिवस, जब आध्यात्मिक बोध संभव होता है, आत्मा की अलchemy चल रही होती है। व्यक्ति सोते हुए अथवा ध्यानावस्था में अपने पूर्व जन्मों को जान लेता है। उच्च सत्यों की समझ, आध्यात्मिक सृजन की प्राप्ति, सभी चक्रों के दर्शन एवं उनके साथ कार्य करने का काल। स्वप्नों, स्वप्न सामग्री, Astral शरीर, उसके सूक्ष्म निर्गमन तथा दिव्य दृष्टि के साथ कार्य हेतु नियत।

रहस्यमय प्रभाव: उपहार एवं प्राप्तियों का दिवस, चेतना के गुप्त कोषों एवं तर्क के साथ कार्य करना, सृजन करना। स्वप्नों के साथ कार्य करने का दिवस।

सामाजिक प्रभाव: अत्यन्त अनुकूल, विशेषतः यदि मनोदशा उत्तम हो।

घरेलू प्रभाव: बड़े कार्यों, क्रय-विक्रय, नवाचार हेतु शुभ। इस दिन उन्नत मनोदशा में रहने, आत्मनिरीक्षण करने, भावनाओं पर नियंत्रण रखने का प्रयास करना चाहिए। सभी लाभकारी पौधों को लगाना एवं शुभ विचारों को बोना उत्तम। वृक्षों को काटना, फूल तोड़ना अथवा उन्हें दान करना वर्जित।

रस-उपवास करने की अनुशंसा। दृष्टि की रक्षा अत्यावश्यक: कम पढ़ना, तीव्र प्रकाश न देखना। अनिद्रा से पीड़ित व्यक्तियों को मंद प्रकाश (5-10 मिनट, 15 वाट बल्ब) देखना लाभकारी।

यह “पार्थिव” कार्यों का दिवस है।

जो व्यक्ति 28वें चन्द्र दिवस में जन्मे हों, वे भिन्न-भिन्न स्वभाव के होते हैं। ऐसे व्यक्तियों को स्वप्नों के साथ कार्य करना आवश्यक है।

चिकित्सकीय प्रभाव: रोग जटिल होते हैं, विशेषतः वृद्धों हेतु। मस्तिष्क, सिर तथा रक्तचाप की रक्षा करनी चाहिए।

गर्भाधान पर प्रभाव: इस दिन गर्भाधान से उत्पन्न सन्तान किसी भी कार्य में सफल होगी – उसे समस्त विश्व उपलब्ध होगा। शान्ति एवं आनन्द, आत्मबोध एवं विश्व के रहस्यों को हृदयंगम करने की क्षमता। आकाश एवं पृथ्वी के रहस्य सदैव उसके साथ रहते हैं। किन्तु आलस्य का खतरा भी विद्यमान रहता है।

मणि – ऐगोनाइट, क्राइसोप्रेज, बेलोमोराइट, दुग्ध ओपल, जैड, एक्वामरीन, एमेथिस्ट, प्लाज्मा।

ध्यान: आदर्श, मोमबत्ती।

प्रतीक: ओपल, एक्वामरीन, एमेथिस्ट।

ओ.ज़ारायेव। दुर्घटनाओं, मतभेदों, स्वास्थ्य क्षय अथवा भाग्य के तीव्र प्रहार अथवा जीवन शक्ति में अचानक गिरावट का खतरा विद्यमान रहता है। प्रथमार्द्ध में अत्यधिक परिश्रम सर्वथा वर्जित।

“चन्द्र जन्म दिवस” अल्बर्ट महान के अनुसार – शुभ दिवस। इस दिन जन्मे बालक आलसी होते हैं।

ज़ुर्नयावा टी.एम. “30 चन्द्र दिवस। प्रत्येक दिवस के विषय में। चन्द्र पंचांग।”

प्रतीक – “कर्म” एवं “कमल”। इस दिन हमें जीवन का उद्देश्य जानने एवं प्राप्त करने का अवसर मिलता है। आत्मा की अलchemy एवं आध्यात्मिक बोध की प्रक्रिया चल रही होती है। 28वें चन्द्र दिवस में चक्रों के साथ कार्य किया जा सकता है, क्योंकि इस दिन चक्र खुल जाते हैं। किन्तु कार्य आरम्भ करने से पूर्व हमें शुद्ध होना चाहिए, अतः शरीर, भावनाओं एवं विचारों की शुद्धि हेतु सभी प्रक्रियाओं का अनुसरण करना चाहिए।

28वाँ चन्द्र दिवस स्वप्नों के साथ कार्य करने का दिवस है। सोते हुए व्यक्ति को आध्यात्मिक बोध एवं जीवन का उद्देश्य समझ में आ सकता है। यह प्रक्रिया प्रत्येक मास चलती रहती है, चाहे हम इसे समझें अथवा नहीं। स्वप्नों के साथ सचेतन कार्य हेतु हमें जागृत होना चाहिए कि हम स्वप्न देख रहे हैं। किन्तु सचेतन क्रिया सामान्यतः असंभव होती है – प्रयास करते ही हम जाग जाते हैं। स्वप्न में सचेतन रहने हेतु सर्वप्रथम अपने हाथों को स्वप्न में देखना चाहिए। सोने से पूर्व अपने दोनों हाथों को देखें, फिर आँखें बन्द कर निश्चयपूर्वक स्वप्न में सचेतन रहने का विश्वास रखते हुए सो जाएँ। तब आप स्वप्न में अपने हाथ स्पष्ट देखेंगे तथा जागृत नहीं होंगे।

अपने दाहिने हाथ की तर्जनी अंगुली से सम्पर्क बनाए रखना भी आवश्यक है, क्योंकि इसी के माध्यम से हम सदैव अपने शरीर में वापस लौट सकते हैं। यदि आप अपने Astral शरीर के जीवन में अत्यधिक तल्लीन हो जाएँगे, तो आप वहीं रुक सकते हैं तथा शारीरिक रूप से निष्क्रिय दिखाई देंगे। किन्तु भय का कोई कारण नहीं: यदि आप नहीं चाहेंगे, तो कोई आपको वहाँ प्रवेश नहीं देगा। केवल रुचि होनी चाहिए। जब आप स्वप्न में उड़ते हैं, तो अनेक शारीरिक समस्याओं का भौतिक समाधान होता है। सामान्यतः व्यक्ति उच्च ऊर्जा स्तर पर होता है। यह इस बात का सूचक है कि व्यक्ति सूक्ष्म स्तरों पर कितना उन्नत है।

इस दिन की प्रक्रिया को अपनी प्रेरणा से और बल मिल सकता है, अतः उन्नत मनोदशा में रहने एवं इस बोध की प्रतीक्षा करने का प्रयास करें। इस दिन चक्रों से सम्बन्धित विशेष प्रक्रियाएँ भी विद्यमान हैं।

28वें चन्द्र दिवस में तीव्र प्रकाश स्रोत न देखें तथा दृष्टि को अत्यधिक न strained करें, फूल न तोड़ें, न दान करें तथा वृक्ष न काटें। भूमि, अचल सम्पत्ति क्रय करना, मरम्मत करना तथा जो कार्य उत्तम परिणाम दे, करने हेतु शुभ।

28वें चन्द्र दिवस का सम्बन्ध मूलाधार चक्र, नेत्र तथा मस्तिष्क से है। नेत्रों की शुद्धि हेतु प्रक्रियाएँ लाभकारी। निम्न व्यायाम उत्तम: एक पैर पर खड़े हों तथा एड़ी से मूलाधार चक्र (रीढ़ के निचले भाग) पर आघात करें। यहाँ तक कि एक बार ऐसा करने से भी लाभ होता है, विशेषतः यदि यह प्लूटो अथवा शनि के घण्टे में किया जाए। शुभ पैर से आघात करें: स्त्री बायें पैर से, पुरुष दायें पैर से। इस दिन की ऊर्जाओं का उपयोग न करने से रक्तचाप में विकृति आ सकती है।

उच्च स्तर के व्यक्ति, जो इस दिन जन्मे हों, जन्म से ही शुभ एवं प्रकाश लेकर आते हैं। जो व्यक्ति इस दिन जन्मे किन्तु विकास न कर पाए हों, वे भावनाहीन तथा रुचिहीन होते हैं।

करना चाहिए एवं सेवन करना चाहिए:

  • उपवास (निर्जल)
  • रस
  • पौधे एवं वृक्ष लगाना
  • घर की मरम्मत आरम्भ करना
  • नया घर क्रय करना अथवा उसमें प्रवेश करना
  • Astral शुद्धि
  • प्रसाधन सामग्री का प्रयोग
  • स्नान, स्नानागार जाना

नहीं करना चाहिए अथवा वर्जित है:

  • पशु-जन्य भोजन
  • अनाज
  • बीज
  • दृष्टि को strained करना
  • फूल तोड़ना, वृक्ष काटना
  • फूल दान करना

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