29 कुम्भ।
ग्रह किस अंश पर है, यह केवल गणना में दिखता है: अपने ग्रहों के अंश मिनट तक की सटीकता से देखें हर ग्रह की राशि और भवन के साथ।
दयालुता, दुर्बल चरित्र, पहल खो देना। जीवन का अंत आरंभ से खराब होता है। संभवतः आत्महत्या (पी.ग्लोबा)।
धार्मिकता, जल से खतरा, राजनीति। बृहस्पति का ग्रह (याकोव केफर)।
“प्रिज्म से गुजरते हुए अनेक रंगों में बिखरता प्रकाश”।
– जीवन प्रक्रियाओं के निर्माण हेतु आवश्यक बुद्धि की स्वचालित क्षमता। विभेदन। ग्रहण क्षमता का विस्तार। नवीन दृष्टि का उद्घाटन। सूक्ष्म विश्लेषण (डी.राड्यार)।
“आधीनता”। यह व्यक्ति बाधाओं पर विजय पाने अथवा अपने लक्ष्यों के प्रति उत्पन्न विरोधों को दूर करने हेतु कार्य करता है। इस ग्रह के स्वामी जहाजों के कप्तान तथा नेताओं जैसे प्रबल व्यक्तित्व वाले होते हैं (बी.इज़रायेलियर)।
जल से दुर्घटनाएँ, दुर्बल चरित्र, दयालुता, दुखद अंत (ओ.त्रोयानोव्स्की)।
सूर्य ग्रह। “मृत मछलियाँ”। बंध्यता ग्रह। दयालुता किंतु दुर्बल चरित्र, पहल खो देना, पतन। जीवन का अंत आरंभ से खराब होता है। संभवतः आत्महत्या। श्रेष्ठ स्थिति में व्यक्ति अपनी दुर्बलता को शक्ति के रूप में प्रयोग करता है तथा धारा के साथ बहता है (टेबोइयन कालदर्शिका)।
शनि ग्रह। “पुराने कब्रिस्तान में रात को उड़ता चमगादड़”।
– यह व्यक्ति उदासी तथा विषाद की प्रवृत्ति रखता है। उसे हर्षोल्लास तथा दयालु व्यक्तियों के साथ संगति कर अथवा जिन विचारों अथवा विशेष घटनाओं की ओर संकेत किया गया है, उनकी वास्तविक प्रकृति का अध्ययन कर अपने निराशावादी स्वभाव पर विजय पाने का प्रयास करना चाहिए। व्यक्ति को स्वयं तथा दूसरों में ईर्ष्या की भावना के प्रति सतर्क रहना चाहिए। यह ईर्ष्या का प्रतीक है (आई.कोस्मिन्स्की)।





