6 ग्रहांश चंद्रमा तथा मीन। यात्राओं, भ्रमणों की प्रवृत्ति, भटकने की आदत। अपव्यय, जिद्द। वायु तत्त्व की प्रधानता वाले राशि चिह्नों में माता-पिता तथा निकट संबंधियों से अलगाव (पी. ग्लोबा)। भावुकता, प्रबल प्रवृत्ति, विलक्षणता। शुक्र ग्रहांश (याकोव केफर)। ग्रहांश जो नींद तथा समाधि से संबंधित है (नोएल डेवोर)। “अपने घोंसलों को पंखों से सजाने वाले पक्षी”। – नवीन जीवन रूपों के प्रति सहज समर्पण। सहजीवन। अवचेतन योजना अथवा निरर्थक सपने (डेन राडियर)। “अधिग्रहण”। वस्तुओं के संग्रहण की प्रवृत्ति, जो संग्रहकर्ताओं, पुस्तकालयाध्यक्षों, संग्रहालय कर्मियों के लिए लाभकारी है, किंतु लोभ में परिवर्तित होने पर हानिकारक (बोरिस इस्राएल)। अपव्यय, जिद्द (ओलेग त्रोयानोवस्की)। चंद्र ग्रहांश। “पिस्कोवी दिन”: 2° – 7° कर्क। प्रवास का ग्रहांश। भटके हुए पुत्र का प्रतीक। वायु तत्त्व की प्रधानता में यात्राओं, भ्रमणों तथा संबंध-विच्छेद की प्रवृत्ति। वृश्चिक, वृषभ, कर्क तथा मकर राशि की प्रधानता में यौन विकृतियां उत्पन्न कर सकती हैं, तथा यदि लिलिथ भी प्रभावी हो तो मनोविकृति तक (टेबोइयन कालदर्शिका)। सूर्य ग्रहांश। “वह व्यक्ति जो धन का अपव्यय करता है, मित्रों का मनोरंजन करता है; पर्दे के पीछे छिपा हुआ वह व्यक्ति जो उनका उपहास करता है”। – ऐसे व्यक्ति की ओर धन आता है किंतु वह उसे व्यर्थ खर्च कर देता है तथा पुनः उसे धन की आवश्यकता होती है। इस व्यक्ति को अपने विलासी स्वभाव पर नियंत्रण रखना चाहिए, जो केवल क्षणिक मित्र ही आकर्षित कर सकता है तथा उसके अतिरिक्त उसके लिए केवल चिंताएं तथा दरिद्रता ही शेष रह जाती है। यह अपव्यय का प्रतीक है (इगोर कोस्मिन्स्की)।
ग्रह किस अंश पर है, यह केवल गणना में दिखता है: अपने ग्रहों के अंश मिनट तक की सटीकता से देखें हर ग्रह की राशि और भवन के साथ।





