8-й चंद्र दिवस
चंद्र दिवस की अवधि भिन्न होती है और आपके शहर में चंद्रोदय पर निर्भर करती है: जानना कि यह चंद्र दिवस आपके शहर में किस समय शुरू होता है उस दिन के चरण और वॉइड-ऑफ़-कोर्स चंद्र के साथ.
पी.पी.ग्लोबा. “जिस बारे में चंद्रमा मौन है प्रतीकात्मक संगति: कर्क राशि का 6° – मिथुन राशि का 25°”। रूपांतरण। नाम: फीनिक्स, खजाने का पिटारा, अग्नि। प्रतीक – फीनिक्स, खजाने का पिटारा, अग्नि। साथ ही दुर्भाग्य लाने वाले मोर भी। ग्रह प्रतीक – प्रॉज़र्पिना, जो मिथुन राशि एवं चंद्रमा से संबंधित है। रंग – लाल-काला (मंद होती लौ का रंग)।
रहस्यमयी प्रभाव: यह जैव-रासायनिक रूपांतरणों, अल्केमि का काल है, पश्चाताप एवं पाप-मोचन का दिन, अग्नि द्वारा शुद्धिकरण (जिसका ईंधन वृक्ष या रस्सी होता है, जैसे मोमबत्ती)। हमारे शरीर में होने वाले रासायनिक एवं अल्केमिक परिवर्तनों में सूक्ष्म ऊर्जाओं का संचार होता है। पाचन प्रक्रिया में परिवर्तन एवं भोजन का विघटन होता है। यह रूपांतरण, औषधि निर्माण एवं तैयारी का दिन है। सटीक विज्ञान एवं स्वयं पर कार्य करने का दिन, सभी स्तरों पर।
सामाजिक प्रभाव: सक्रिय दिन, अप्रत्याशित घटनाएँ घट सकती हैं। मंद गति वाले लोगों के लिए अशुभ। साहसी, जोखिम उठाने वालों एवं नवाचारियों के लिए अनुकूल।
दैनिक जीवन पर प्रभाव: घर निर्माण हेतु शुभ। योजना, पुनर्निर्माण, पुनर्व्यवस्था हेतु उपयुक्त। स्नान, कपड़े धोने से बचें। मदिरा सेवन न करें। चिकित्सा दृष्टि से – उपवास, पेट एवं आँतों की सफाई हेतु उपयुक्त। ध्यान देने योग्य अंग – परिधीय तंत्रिका तंत्र।
विशेष रूप से इस दिन सभी रोगों की, विशेषतः 108 या 72 घटकों वाले जटिल औषधि-प्रस्तारों का निर्माण किया जा सकता है।
जन्म लेने वालों पर प्रभाव: ऐसे व्यक्ति उत्पन्न होते हैं जिनमें उत्परिवर्तन की क्षमता अत्यधिक होती है – अल्केमिस्ट, कलाकार। बालिकाओं में असाधारण मानसिक संरचना एवं विशेष बुद्धिमत्ता होती है। सामान्यतः जन्म लेने वाले व्यक्ति शारीरिक श्रम से बचते हैं एवं ऊर्जा संरक्षण करते हैं।
गर्भाधान पर प्रभाव: इस दिन गर्भाधान से उत्पन्न संतान का जीवन चमकीला किंतु कठिन होगा। यात्राएँ एवं वापसी। व्यक्ति अत्यधिक सुखी अथवा इतना दुखी हो सकता है कि जीवन से निराश हो जाए। कुछ में दृढ़ इच्छाशक्ति एवं पुनर्जन्म की क्षमता होती है।
ध्यान: अग्नि, रासायनिक प्रतिक्रियाएँ।
संकेत: लाल ग्रेनाइट, क्राइसोलिथ, मोरियन।
ओ.ज़ारायेव. “चंद्र दिवसों की व्याख्या” प्रथम चतुर्थांश। जटिल काल, क्योंकि संबंधों में अनसुलझे मुद्दे एवं पुराने लक्ष्यों को पूरा करने में अपेक्षित समय अधिक लगता है। सफल कार्यों हेतु व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं का त्याग एवं नए भागीदारों एवं सहयोगियों की सहायता लेना आवश्यक है। सावधानी एवं विवेक आवश्यक है। इस काल में विकास के नए चरण अथवा नए कार्यों की शुरुआत होती है, अतः समय पर तैयारी एवं व्यवहार रणनीति में परिवर्तन हेतु कौशल की आवश्यकता है।
“जन्म से चंद्र दिवस” अल्बर्ट महान् यात्रियों के लिए शुभ दिन। रोगियों के लिए अशुभ। स्वप्न सत्य होते हैं। शिशुओं का चेहरा अनाकर्षक होता है।
ज़ुर्नयावा टी.एम. “30 चंद्र दिवस. प्रत्येक दिन के बारे में सब कुछ. चंद्र कैलेंडर।” प्रतीक – “फीनिक्स”। इस दिन शरीर में जैव-रासायनिक ट्रांसम्यूटेशन जारी रहता है। पहले 7 चंद्र दिवसों में घटित घटनाओं का मानवीय जीवन में रूपायन होता है। 8वें चंद्र दिवस में केवल हल्का भोजन, अनाज एवं मछली ग्रहण करें। पेट की सफाई हेतु उपयुक्त।
पेट की सफाई: रात 6-7 बजे के पश्चात् रात्रिभोज करें। हम जानते हैं कि भोजन ग्रहण के 3 घंटे पश्चात् रासायनिक प्रतिक्रिया होती है। 3 घंटे पश्चात् आमाशय द्वार खुलता है एवं भोजन आँतों में प्रवेश करता है। उस समय तक पेट की सफाई आवश्यक है। 1 लीटर गुनगुने पानी में 1 बड़ा चम्मच सोडा मिलाएं। पानी को दो बार में पिएं। सर्वप्रथम 0.5 लीटर पानी पिएं एवं उल्टी करें। सोडे के पानी का प्रयोग आमाशय की क्षति से बचाता है जब पित्त ग्रासनली से गुजरता है। पुनः 0.5 लीटर पानी पिएं एवं उल्टी करें। द्वितीय बार के पश्चात् पानी स्वच्छ निकलना चाहिए। यदि पानी अशुद्ध निकले तो पुनः 0.5 लीटर सोडे का पानी पिएं एवं उल्टी करें। यह प्रक्रिया 8वें चंद्र दिवस में अत्यंत शुभ है। सर्वोत्तम रूप से इसे रात 10 बजे संपन्न करें। इस प्रकार आप शुद्ध जैव-रासायनिक प्रक्रिया हेतु तैयार होते हैं।
8वें चंद्र दिवस में पश्चाताप हेतु उत्तम है। अग्नि से संबंधित साधनाओं से बचें। सभी रोगों की औषधियाँ बनाने हेतु उपयुक्त। यहाँ तक कि 108 घटकों वाली जटिल औषधि भी निर्मित की जा सकती है एवं अधिकतम प्रभाव प्राप्त किया जा सकता है।
8वें चंद्र दिवस का संबंध पेट एवं परिधीय तंत्रिका तंत्र, मणिपुर चक्र से है। यदि इस ऊर्जा का दुरुपयोग होता है तो पेट में पीड़ा, आंतरिक कंपन एवं “कान जलना” जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
8वें चंद्र दिवस में जन्म लेने वालों हेतु “शुष्क” उपवास उपयुक्त है। उनमें जैव-रासायनिक प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है। ये जन्मजात अल्केमिस्ट होते हैं जो फीनिक्स पक्षी की भाँति जल सकते एवं पुनर्जन्म ले सकते हैं।
करें एवं ग्रहण करें:
– उपवास
– पेट एवं आँतों की सफाई
– जटिल औषधि-प्रस्तारों का निर्माण
– कायाकल्प प्रक्रियाएँ
न करें अथवा परहेज करें:
– अग्नि प्रज्वलित न करें





