«हम चुन सकते हैं, कि भय हमें क्या सिखाता है। क्रोध और भय से कड़वाहट भरा बनना। शत्रुतापूर्ण। स्तब्ध। या फिर अपने भीतर के उस बाल-सुलभ, जीवंत और जिज्ञासु हिस्से को थामे रखना, उस भाग को जो निर्दोष है।’» यह उद्धरण पुस्तक ‘विकल्प: मनुष्य की स्वतंत्रता और आंतरिक शक्ति पर’ से लिया गया है। इसकी लेखिका एक ऐसी महिला हैं जिन्होंने जर्मन एकाग्र शिविर में एक युवा लड़की के रूप में जीवित रहने के बाद इस पुस्तक को लिखा। वे बताती हैं कि कैसे उन्होंने युद्धकालीन भय और शांति के बाद के समय के डरों पर विजय पाई। हमारे सामूहिक विजय में प्रत्येक यूक्रेनी अपना योगदान अपने ‘मोर्चे’ पर व्यक्तिगत विजय की कहानी के माध्यम से दे रहा है, और प्रत्येक योगदान मूल्यवान है, क्योंकि हम एक हैं।
📅 20 अप्रैल – बुधवार
♐️ चंद्रमा धनु राशि में
🌙 19वें चंद्र दिवस
आज का दिन तनावपूर्ण है। हमारे भीतर अपने बलों पर अविश्वास, दूसरों की राय और शब्दों पर निर्भरता उत्पन्न होती है। जो कुछ भी हमारे भीतर अप्रिय है, वह सामने आ सकता है, किंतु इसका अर्थ है कि हमने पहले भी ऐसे व्यवहार या भावनाओं को स्वयं में प्रश्रय दिया था। आज इसके विपरीत, अप्रिय चरित्र-लक्षण अथवा कठिनाइयों का केंद्र हमारे सामने प्रकट होता है, ताकि हम सचेतन रूप से अपने जीवन को शुद्ध कर सकें। आज की स्थितियों के कारणों और परिणामों पर विचार करें।
आज की मुलाक़ातें और परिचय प्रायः हमें कठिनाइयों में धकेल देते हैं अथवा ऊर्जा से वंचित कर देते हैं। निरर्थक कारणों से विवाद की संभावना बढ़ जाती है। एक असावधान शब्द अथवा असमय भावनात्मक उद्गार के कारण भी झगड़ा हो सकता है। चिड़चिड़ेपन का मुख्य कारण अपने मत पर अत्यधिक केंद्रित होना है।
आज स्वयं को शुद्ध करना तथा अपने स्थान से अनावश्यक वस्तुओं और पुराने आंतरिक अनुभवों को हटाना शुभ है। अपने सबसे अंधेरे कोनों को साफ करना तथा उन बातों पर गौर करना जो अभी भी हमारे हृदय में पीड़ा उत्पन्न करती हैं, लाभकारी है। किंतु आज की संवेदनशीलता हमारी ओर उन स्थानों की ओर सटीक रूप से संकेत कर सकती है जिन पर हमें ध्यान देने की आवश्यकता है।