वर्ग Неप्च्यून – शुक्र
(गमन. नेप्च्यून → जन्मकालीन शुक्र)
म्यूनिख इन्स्टिट्यूट ऑफ पैराप्साइकोलॉजी का अध्ययन पाठ्यक्रम. गमन
स्वभाव: – इस गमन के दौरान नेप्च्यून के दौरान जातक अपने स्वभाव और मनोदशा के प्रति अत्यधिक आवेगी हो जाता है। उसकी सहज प्रवृत्तियाँ अनैतिक और विकृत आधार से उत्पन्न होती हैं तथा इसका परिणाम सैडिज्म अथवा मासोकिज्म (स्वयं को पीड़ा पहुँचाने से प्राप्त आनंद को एक सौम्य रूप में लिया जा सकता है, उदाहरणार्थ आत्मपीड़ा) के रूप में निकल सकता है। इसी समय मनोविकृति उत्पन्न होती है अथवा उसकी तीव्रता बढ़ जाती है।
साथी / प्रेम तथा विवाह: – अत्यधिक तथा अतार्किक स्वार्थी, कामुक तथा यौन इच्छाएँ जातक के विपरीत लिंग (अथवा अपने ही लिंग) के प्रति उसके दृष्टिकोण को विकृत कर देती हैं। विश्वासघात, बिना कारण अथवा उचित ईर्ष्या के कारण उत्पन्न होने वाले संदेह, झूठ तथा षड्यंत्र किसी भी स्थिति में संघर्ष का कारण बनेंगे, जिसके परिणामस्वरूप तलाक होगा। व्यापारिक साझेदारों अथवा समाज के साथ संबंध भी अत्यंत प्रतिकूल दिखाई देते हैं।
कार्य तथा व्यापारिक संपर्क: – दूसरों के प्रति समझ तथा अनुकूलन क्षमता के अभाव के कारण सामाजिक संबंध अत्यंत समस्याग्रस्त हो जाते हैं। किसी भी प्रकार का उत्तेजना दूसरों द्वारा समझी नहीं जाएगी। कार्य की स्थितियाँ सीमित हो जाती हैं तथा जातक अपने लक्ष्य तक पहुँचने में असफल रहता है। सहकर्मियों अथवा अधीनस्थों के कारण उत्पन्न निराशा को इतना गंभीरता से नहीं लेना चाहिए, यहाँ तक कि वे (अक्सर केवल दिखावटी) सामाजिक स्थिति की असुरक्षा को प्रकट करते हों।
+ दृढ़ इच्छाशक्ति वाले जातक स्वयं इस अवधि के तनाव को कम कर सकते हैं; उनकी कलात्मक प्रवृत्ति जितनी प्रबल होगी, उनकी रचनात्मकता को उतना ही लाभ मिलेगा।
भौतिक क्षेत्र तथा वित्त: – भौतिक तथा वित्तीय हितों की उपेक्षा करके जातक विलासी तथा आरामदायक जीवनशैली की ओर प्रवृत्त होता है, जिसके कारण इस अवधि में भौतिक हानि की संभावना उत्पन्न हो जाती है।
विशेषताएँ: यदि जातक की कुंडली में नेप्च्यून तथा शुक्र के मध्य विशेष रूप से अनुकूल स्थिति हो, तो नेप्च्यून का प्रत्यक्ष गमन अनुकूल रूप से व्यतीत हो सकता है।
गमन – व्यवसाय
सौंदर्य तथा आध्यात्मिक भ्रमों, रचनात्मक कार्यों में भ्रम की अवधि। संस्कृति तथा कला के क्षेत्र, सार्वजनिक गतिविधियों, शो-बिज़नेस, विलासिता की वस्तुओं के व्यापार के लिए प्रतिकूल।
धोखे, त्रुटियों तथा वित्तीय धोखाधड़ी अथवा आत्म-धोखे के कारण जोखिम। भावनात्मक तथा संवेगात्मक क्षेत्र का असंतुलन, मनोवैज्ञानिक अनुभव तथा व्यक्तिगत समस्याएँ व्यवसाय तथा संपर्कों में भी कठिनाइयाँ उत्पन्न कर सकती हैं।
परियोजनाओं की संभावनाओं तथा यथार्थवादिता के प्रति गलत आकलन। छिपे हुए शत्रुओं तथा बेईमान साझेदारों की सक्रियता। आप धोखे, षड्यंत्रों, बदनामी तथा धोखाधड़ी का गंभीर रूप से शिकार हो सकते हैं। चोरी की संभावना पर विचार करें। गुप्त गतिविधियों तथा गुप्त आय प्राप्त करने, गुप्त समझौतों के प्रति अनुत्पादक प्रवृत्तियाँ।
गमन – स्वास्थ्य
स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त रूप से कठिन अवधि। अनेक रोगों के लक्षणों में वृद्धि, विशेष रूप से उपापचय संबंधी विकारों, हार्मोनल असंतुलन, विशेष रूप से थायरॉइड तथा थाइमस ग्रंथि से संबंधित रोगों में। जल क्रियाओं अथवा जल में स्नान से बचें अथवा सावधानी बरतें। संभावित संक्रामक रोग अथवा दुर्घटना, यदि अन्य पहलुओं द्वारा इसकी पुष्टि होती है। मदिरापान के प्रति प्रवृत्ति, जो शरीर को क्षति पहुँचाने के अतिरिक्त कानूनी संघर्ष का कारण बन सकती है। यौन विकृतियाँ अथवा समस्याएँ।
गमन – प्रेम तथा परिवार
विवाह तथा प्रेम संबंधों के लिए पर्याप्त रूप से कठिन अवधि। यद्यपि विनाशकारी प्रवृत्तियाँ नहीं हैं, फिर भी तीव्र अनुभवों, निराशाओं, प्रेम पीड़ा, त्याग की आवश्यकता की संभावना बढ़ जाती है। स्थानांतरण, निवास स्थान परिवर्तन तथा जल से संबंधित अथवा जल में रहने संबंधी पारिवारिक आयोजनों के लिए प्रतिकूल अवधि।
यौन विकृतियों की प्रवृत्ति संघर्ष का कारण बन सकती है। अत्यधिक विलासिता, मदिरापान, गुप्त संबंधों, कल्पनाशीलता, भ्रमपूर्ण भावनाओं,seudoromanticism (मिथ्या रोमांस) की प्रवृत्ति। आप धोखे, षड्यंत्रों, अफवाहों तथा बदनामी का शिकार हो सकते हैं।



