वर्ग सैटर्न – बृहस्पति
(पारगमन. सैटर्न → जन्मकुंडली बृहस्पति)
म्यूनिख पैराप्साइकोलॉजी संस्थान का अध्ययन पाठ्यक्रम. पारगमन
विशेषता: –
इस अवधि की विशेषताओं में अप्रिय अभिव्यक्तियाँ होती हैं। जातक अपने स्वार्थों का पीछा अत्यधिक कटुता के साथ करता है, और वह समझौतों का उल्लंघन करने से बिल्कुल नहीं हिचकिचाता।
साझेदारी/प्रेम एवं विवाह: –
इस अवधि में जातक के लिए दूसरों का विश्वास जीतना अत्यंत दुर्लभ होता है। अपने प्रभाव क्षेत्र का विस्तार करने की उसकी इच्छा दूसरों से स्वीकृति नहीं पाती, जिससे व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक दोनों ही प्रकार के संबंध अत्यधिक प्रभावित होते हैं।
कार्य एवं व्यावसायिक संबंध: –
अपने प्रति आत्मविश्वास की कमी एवं संदेह जातक को सेवा एवं व्यवसाय दोनों ही क्षेत्रों में निर्णय लेने से रोकेंगे। अधिकारियों के साथ संबंधों में कठिनाइयाँ, स्वयं के विरोधियों से संघर्ष एवं विभिन्न प्रकार की अशांति कार्यस्थल के वातावरण को क्षति पहुँचाएगी।
आर्थिक क्षेत्र एवं वित्त: –
इस अवधि में आरंभ किया गया लगभग हर व्यापार घाटे में समाप्त होगा। सभी प्रक्रियाएँ एवं वार्ताएँ नकारात्मक परिणाम देंगी।
स्वास्थ्य: –
दीर्घकालिक रोगों की प्रवृत्ति, अनावश्यक वजन बढ़ना एवं चयापचय संबंधी विकार इस अवधि की विशेषताएँ होंगी।
पारगमन – व्यवसाय
व्यवसाय, राजनीति, विधि, सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं सार्वजनिक गतिविधियों में लंबे समय तक व्यावसायिक चिंताओं एवं कठिनाइयों का दौर। लक्ष्यों की ओर प्रगति, करियर अथवा व्यावसायिक उन्नति, आर्थिक समृद्धि में वृद्धि एवं व्यावसायिक सक्रियता में अनिवार्य कमी। रूढ़िवादिता, निराधार सत्ता संघर्ष, बढ़ी हुई द्वंद्वात्मकता, पाखंड एवं अपने मनमर्जी के अनुसार व्यवहार आने वाले वर्षों में नकारात्मक प्रभाव डालेंगे। समय एवं धन का अनुत्पादक उपयोग। नए प्रोजेक्ट आरंभ करना, नए उद्यम खोलना, उत्पादन अथवा गतिविधि के क्षेत्र का विस्तार करना, तथा अधिकारियों, प्रभावशाली व्यक्तियों एवं सरकारी संस्थाओं से सहायता प्राप्त करना उचित नहीं है। वृद्ध व्यक्तियों के साथ विवाद भी आपकी स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव डालेंगे। व्यावसायिक एवं पारिवारिक मामलों के मध्य द्वंद्व। नैतिक संकट, नकारात्मक वैचारिक प्रवृत्तियाँ। अपने दायित्वों की उपेक्षा, अत्यधिक उत्तरदायित्व का बोझ। ऋण एवं निवेशों पर निराधार आशाएँ। आपकी प्रतिष्ठा आज के निर्णयों के साथ-साथ अतीत की गलतफहमियों से भी प्रभावित हो सकती है। विदेश में आपके हित भी काफी प्रभावित हो सकते हैं। विदेशी साझेदारों के साथ संपर्क स्थापित करने का यह उचित समय नहीं है।
पारगमन – स्वास्थ्य
गंभीर दीर्घकालिक रोगों के लक्षणों में वृद्धि, नए रोगों का प्रकटीकरण। विशेष रूप से त्वचा संबंधी (जिसमें एलर्जी भी शामिल है) एवं यकृत के रोगों में काफी गिरावट आती है, तथा संभवतः गठिया, ऑस्टियोचोन्ड्रोसिस आदि भी। स्वयं यह योग भंगुरता का कारण नहीं बनता, किंतु यदि इसके अन्य संकेत मौजूद हों तो यह खतरा बढ़ा देता है, विशेषकर रजोनिवृत्ति पश्चात् ऑस्टियोपोरोसिस के परिणामस्वरूप। गर्भधारण में असमर्थता। ऊतकों में स्क्लेरोटिक परिवर्तन बढ़ते हैं।
पारगमन – प्रेम एवं परिवार
पारिवारिक एवं घरेलू मामलों में असफलताएँ, प्रेम के मोर्चे पर भी। आंशिक रूप से इसका कारण व्यावसायिक समस्याओं में व्यस्तता एवं करियर में असफलताएँ हैं। त्वरित संबंधों एवं मनोरंजन की प्रवृत्ति के कारण स्थापित संबंध प्रभावित होते हैं। स्वयं यह योग संबंध विच्छेद अथवा तलाक का कारण नहीं बनता, किंतु यदि अन्य संकेत इसकी ओर संकेत कर रहे हों तो स्थिति और खराब हो जाती है। कमज़ोर होता पारिवारिक बजट। मरम्मत, घरेलू खरीदारी, अचल संपत्ति एवं भूखंडों की खरीद के लिए यह उचित समय नहीं है। पुराने मित्रों से दूरियाँ बढ़ने एवं नए, असमर्थ मित्रों के उद्भव की संभावना।





