यह दृष्टि (षष्ठांश) बुध-नेपच्यून के बीच मननशीलता, सूक्ष्म संवेदनशीलता तथा सचेतन एवं अवचेतन मन के मध्य सामंजस्य स्थापित करती है।
हेत मॉन्स्टर के अनुसार
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व्यक्ति में लगभग दिव्य दृष्टि के समान तीव्र बोध होता है तथा वह सामान्य तार्किक चिंतन से परे सूक्ष्म संबंधों को देख सकता है।
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यह दृष्टि उन क्षेत्रों में विशेष रूप से प्रभावी होती है जहाँ कल्पना एवं सृजनात्मकता की आवश्यकता होती है, विशेषकर जब व्यक्ति स्वयं योजना बनाकर कार्य करता है तथा बाहरी हस्तक्षेप से बचता है।
कोण का नाम नहीं, बल्कि विशिष्ट चार्ट में डिग्री और ऑर्ब के अनुसार पढ़ा जाता है: अपनी जन्म कुंडली की गणना करें और अपने षष्ठांश (सेक्सटाइल) देखें सटीक ऑर्ब्स और सभी पहलुओं की पूरी सूची के साथ।
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निम्न स्तर पर यह दृष्टि आत्म-प्रवंचना अथवा भ्रम उत्पन्न कर सकती है, किंतु सचेतन रूप से इस क्षमता का उपयोग करने पर व्यक्ति ग्रह सिद्धांतों का सूक्ष्म एवं सटीक नियंत्रण प्राप्त कर सकता है, जिससे अंतर्ज्ञान, सृजनात्मक चिंतन तथा शिक्षण कौशल का विकास होता है।
कैथरीन ओबे के अनुसार
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यह षष्ठांश Mysticism, रहस्यमय तथा तर्कहीन विषयों की ओर आकर्षण उत्पन्न करता है।
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यह कल्पना एवं अंतर्ज्ञान को जोड़ता है, जिससे मन सूक्ष्म ऊर्जाओं तथा अवचेतन संकेतों के प्रति ग्राह्य हो जाता है।
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यह दृष्टि व्यक्ति को सृजनात्मक रूप से चिंतन करने, विचारों के प्रवाह को अनुभव करने तथा घटनाओं के विकास का पूर्वानुमान लगाने की क्षमता प्रदान करती है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ कल्पना एवं असामान्य दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है।
आधुनिक व्यावहारिक व्याख्या
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बुध-नेपच्यून का षष्ठांश उन सूक्ष्म एवं रचनात्मक कार्यों में सहायक होता है जहाँ केवल तर्क ही नहीं, अपितु अंतर्ज्ञान एवं सूक्ष्म अनुभूतियों का महत्व होता है।
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यह दृष्टि कला, सृजनात्मक व्यवसायों, ध्यान, आध्यात्मिक अभ्यास तथा मनोवैज्ञानिकों एवं शिक्षकों के लिए लाभकारी है, क्योंकि यह दूसरों को गहराई से समझने तथा ज्ञान प्रदान करने की क्षमता प्रदान करती है।
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इस दृष्टि वाले व्यक्ति में दूसरों की अपेक्षा अधिक देखने की क्षमता होती है तथा वे अपनी अंतर्ज intuitive अनुभूतियों को रचनात्मक कार्यों में परिवर्तित कर सकते हैं, बशर्ते वे अवचेतन संकेतों एवं भ्रम के मध्य अंतर करना सीख लें।





