सिक्स्टाइल नेप्च्यून – नेप्च्यून
(ट्रांज़िट. नेप्च्यून → नेटल नेप्च्यून)
म्यूनिख पैराप्साइकोलॉजी संस्थान का अध्ययन पाठ्यक्रम. ट्रांज़िट
+ सर्वोत्तम स्थिति में ट्रांज़िट के दौरान नेप्च्यून अपने रेडिक्स-त्रिकोण और रेडिक्स-सिक्स्टाइल पहलुओं से भावनात्मक चेतना के स्तर पर अनुकूल प्रभाव डालता है, जिसमें (कामुक) कल्पनाओं को विशेष महत्व मिलता है। यहाँ मूर्त घटनाओं की अपेक्षा नहीं की जाती, संभवतः विदेशी भागीदारों के साथ नए संबंध स्थापित करना, यात्राएँ तथा आध्यात्मिक आधार पर संपर्क शामिल हैं। नेप्च्यून का अपना रेडिक्स-पोज़िशन से ट्रांज़िट केवल 164.8 वर्षों में होता है। चूँकि शायद ही किसी जातक की इतनी दीर्घायु हो, अतः इस नक्षत्र विन्यास को हमारी समीक्षा से बाहर रखा जा सकता है।
ट्रांज़िट – व्यवसाय
यह पहलू जीवन में केवल एक बार आता है – 26-29 वर्ष की आयु में। यह आध्यात्मिक प्रक्रियाओं को सक्रिय करता है तथा चेतना के विकास का महत्वपूर्ण काल होता है। इसका व्यापारिक क्षेत्र तथा व्यावसायिक मामलों पर दुर्लभ ही प्रभाव पड़ता है, किंतु यह संस्कृति एवं कला के कर्मियों, युवा वैज्ञानिकों, चिकित्सकों, रसायनविदों, मनोवैज्ञानिकों, यात्रियों तथा नाविकों के रचनात्मक विकास को शक्तिशाली प्रोत्साहन देता है। इसका प्रभाव सर्वथा सकारात्मक नहीं माना जा सकता। प्रायः इस काल में चुनी हुई व्यवसाय में निराशा उत्पन्न होती है। इसकी क्रिया को केवल व्यक्तिगत परामर्श से ही स्पष्ट किया जा सकता है।
ट्रांज़िट – स्वास्थ्य
यह पहलू सामान्यतः 26-29 वर्ष की आयु में उत्पन्न होता है तथा भविष्य में स्वास्थ्य विकारों के पहले अस्पष्ट एवं धुँधले लक्षण प्रस्तुत करता है। अतः ऐसे लक्षणों की उपस्थिति आपको नियमित चिकित्सीय परीक्षणों की आवश्यकता की याद दिलाती है। संभवतः चयापचय संबंधी विकारों, हार्मोनल कार्यों तथा प्रतिरक्षा प्रणाली से जुड़े पूर्व विद्यमान रोगों में वृद्धि होती है। हानिकारक आदतों में वृद्धि होती है, मदिरा तथा नशीले पदार्थों की बढ़ी हुई आवश्यकता उत्पन्न होती है। यदि इस काल में कोई शल्यक्रिया निर्धारित हो, तो आपके एनेस्थेसियोलॉजिस्ट को नशीले पदार्थों के प्रति आपकी असामान्य एवं बढ़ी हुई प्रतिक्रिया के बारे में सूचित किया जाना चाहिए। यात्राओं, विशेषतः समुद्री यात्राओं, जल चिकित्सा तथा जल-स hardness के लिए यह अनुकूल काल है।
ट्रांज़िट – प्रेम एवं परिवार
यह 26-29 वर्ष की आयु में आता है तथा प्रायः पहले विवाह तथा पुरुष संबंधों में निराशा के साथ मेल खाता है। इसमें विनाशकारी प्रवृत्तियाँ नहीं होतीं, किंतु विवाहेतर संबंधों की खोज, “आदर्श” तथा प्रायः प्लेटोनिक प्रेम की लालसा सक्रिय होती है। यह विश्वासघात तथा धोखे की ओर प्रवृत्त करता है, किंतु दुर्भावनापूर्ण अथवा चालाक नहीं। इससे प्राप्त प्रेम के विषय का आदर्शीकरण होता है। परिवार के साथ यात्राओं, विशेषतः समुद्री यात्राओं के लिए यह उत्कृष्ट काल है।




