त्रिकोण सैटर्न – मर्क्युरी
(पारगामी सैटर्न → जन्मकालीन मर्क्युरी)
म्यूनिख इंस्टिट्यूट ऑफ पैराप्सायकोलॉजी का अध्ययन पाठ्यक्रम. पारगामी
प्रकृति: + पारगामी सैटर्न के शुभ योग मर्क्युरी के साथ इंद्रियों की तीक्ष्णता तथा जन्मजात की बौद्धिक क्षमताओं में वृद्धि करेंगे। विवेक तथा संयम, एकाग्रता एवं तार्किक निष्कर्ष जन्मजात को अपने व्यवहार के प्रति आलोचनात्मक दृष्टिकोण अपनाने तथा आवश्यक सुधार करने का अवसर प्रदान करेंगे। विशेष रूप से वे जन्मजात जो मुख्यतः स्वभावतः कार्य करते हैं, इस पारगामी काल में घटित घटनाओं का अधिक यथार्थवादी मूल्यांकन करेंगे तथा अपने स्वभाव के आवेगों के कारण होने वाले विघ्नों से बचने का प्रयास करेंगे।
साथी/प्रेम तथा विवाह: – हृदय संबंधी मामलों का जन्मजात द्वारा अधिक विवेकपूर्ण तथा निराशाविहीन दृष्टिकोण से मूल्यांकन किया जाएगा, जिससे स्थापित संबंधों की दीर्घायु को अनुकूल अवसर मिलेगा। समस्याओं के प्रति सोच-समझकर प्रतिक्रिया देने की क्षमता लंबे समय से चले आ रहे मुद्दों के सकारात्मक समाधान में सहायक होगी।
कार्य तथा व्यापारिक संपर्क: + इस पारगामी काल में केंद्रित चिंतन की क्षमता, किसी विशिष्ट दिशा में लक्ष्योन्मुख कार्य तथा हवा में विचरण कर रही अवधारणाओं को वास्तविक आधार प्रदान करने की प्रवृत्ति विशेष रूप से सक्रिय होगी, जो सभी प्रकार के व्यापारिक संपर्कों के लिए सर्वोत्तम रूप से अनुकूल होगी। इस अवधि में वैज्ञानिक कार्यों को भी अपने विकास के लिए सर्वोत्तम मार्ग मिलेगा।
विशेषताएँ: – इन पारगामी योगों का मुख्य लाभ अनुपात तथा स्थिरता में निहित है, जिसके प्रभाव में दैनिक जीवन के सभी कार्य संपन्न होंगे, किंतु जन्मजात के जीवन पथ पर उनके प्रभाव का अतिरंजित मूल्यांकन नहीं करना चाहिए।
पारगामी – व्यवसाय
बौद्धिक सक्रियता की प्रबल अवधि, कार्य अथवा अध्ययन में मन तथा अनुशासन की आवश्यकता। अध्ययन प्रक्रिया, महत्वपूर्ण दस्तावेजों पर कार्य, आधिकारिक कागजात प्राप्त करने, परीक्षाओं में सम्मिलित होने अथवा योग्यता वृद्धि के लिए उपयुक्त काल। व्यावहारिक विचारों का सफल कार्यान्वयन। व्यवसायिक नियोजन, संपर्क तथा वार्ताओं के लिए शुभ काल। अधिकारियों, प्रभावशाली व्यक्तियों अथवा सरकारी संस्थाओं के समक्ष प्रस्तुतियाँ सफलतापूर्वक संपन्न होंगी। वृद्ध तथा अनुभवी विशेषज्ञों की सलाह पर ध्यान दें। गंभीर अध्ययन तथा अनुसंधानों के लिए शुभ काल।
पारगामी – स्वास्थ्य
इस काल में आप स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता तथा कार्य एवं विश्राम के नियमन के प्रति अधिक गंभीर दृष्टिकोण अपनाएंगे, जो निश्चित रूप से आपके शरीर को लाभ पहुँचाएगा। हाथों से संबंधित कार्यों के लिए यह काल शुभ है – सभी गतियाँ सटीक तथा सुनिश्चित होंगी।
पारगामी – प्रेम तथा परिवार
छोटे रिश्तेदारों, पड़ोसियों तथा मित्रों के साथ गंभीर अथवा कभी-कभी व्यावसायिक संबंधों का उद्भव हो सकता है। आप अपने निकटस्थ तथा प्रेमियों के प्रति अधिक अनुशासित तथा उत्तरदायी होंगे तथा उत्पन्न समस्याओं के रचनात्मक समाधान हेतु तैयार रहेंगे, जिससे सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न होगा। आवास, भूमि अथवा संबंधित समझौतों के सफल क्रय के लिए यह काल शुभ है।





