उद्घाटक ७ भाव का ९ भाव में
ए. रिझोव. मूल कुंडली के भावों में स्थित उद्घाटक
३/३ में — विदेशी स्त्री अथवा पुरुष से विवाह। १/३ में — दूरस्थ शत्रु अथवा दूरस्थ लोगों द्वारा मुकदमा अथवा गणा (घाना) देश के लिए भेजे गए प्रतिनिधि-मंडल के खर्च का हिसाब न देने पर न्यायालय द्वारा दावा किया जाना।
भावों में स्थित उद्घाटक
नकारात्मक: जीवनसाथी दूरस्थ विचारों वाला तथा आत्मा से पराया होता है। निरंतर वैचारिक मतभेद तथा वैचारिक असहमति संभव है। दूसरे प्रदेश के लोगों के प्रति शत्रुता तथा अतिवादी राष्ट्रवाद के विचारों की ओर झुकाव। ऐसा व्यक्ति स्वयं ही जातीय घृणा का कारण बन सकता है।
सकारात्मक: विवाह सक्रिय जीवन को बढ़ावा देता है, प्रतिष्ठा को सुदृढ़ करता है, यात्राओं की सुविधा देता है तथा ज्ञानार्जन का अवसर प्रदान करता है। ऐसा व्यक्ति सार्वजनिक गतिविधियों में अत्यंत सक्रिय होता है, घर से दूर अत्यंत लोकप्रिय होता है। दूरस्थ व्यापारिक संपर्कों की प्रवृत्ति होती है। ऐसे व्यक्ति का झुकाव ऐसे साथी की ओर होता है जो दूसरे सामाजिक, जातीय अथवा धार्मिक परिवेश से संबंधित हो। भावी जीवनसाथी से परिचय दूसरे प्रदेश में हो सकता है। यदि ऊर्जाओं का समुचित उपयोग किया जाए तो संबंधीगण के साथ अच्छे संबंध स्थापित होते हैं। अन्यथा, दूसरे सामाजिक परिवेश से संबंधित जीवनसाथी के साथ भावनात्मक संबंध जटिलताओं तथा अप्रिय घटनाओं का कारण बन सकता है। ऐसा व्यक्ति न्यायालय में रक्षक के रूप में अथवा ऐसे प्राध्यापक के रूप में सफल होता है जो अपने श्रोताओं को उदात्त विचारों से परिपूर्ण कथाओं द्वारा मनोरंजन तथा प्रेरणा प्रदान करता है। ऐसे व्यक्ति अपने जीवनसाथी के साथ यात्राओं में समय व्यतीत करते हैं अथवा साथ मिलकर पर्यटन एजेंसी का संचालन करते हैं।
इंदुबाला. भावों में स्थित उद्घाटक. (भारतीय परंपरा)
पत्नी धार्मिक होगी; विदेशी भूमि पर सफलता मिलेगी, प्रसिद्ध स्थानों तथा बड़े मंदिरों के दर्शन करने के अवसर प्राप्त होंगे। यदि ये व्यक्ति किसी क्षेत्र में निपुण होंगे तो वह व्यापार अथवा कूटनीति होगी। सत्ता की महत्वाकांक्षा प्रकट होगी।




