6 मार्च को यूरेनस वृषभ राशि में प्रवेश करेगा। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि वह पिछले वर्ष मई में भी इस राशि में प्रवेश कर चुका था, किंतु प्रतिगामी गति के कारण पुनः मेष राशि में लौट गया था — इस प्रकार वह पृथ्वीवासियों को आवश्यक परिवर्तनों की ओर अग्रसर कर रहा था। उच्च ग्रहों के संक्रमण सदैव समाज में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाते हैं। किंतु चूँकि उनकी गति धीमी होती है, इसलिए सभी व्यक्तियों में परिवर्तन एक ही क्षण में घटित नहीं होते; सामान्यतः ये परिवर्तन कालांतर में फैल जाते हैं और हम इन्हें अन्य कारणों से जोड़कर देखते हैं। उच्च ग्रह सर्वप्रथम वैश्विक समाज की मनोदशाओं में परिवर्तन लाते हैं, और तत्पश्चात हमारे जीवन तथा व्यक्तिगत जीवन पर अपना प्रभाव डालते हैं। किंतु यदि किसी ग्रह का संक्रमण आपकी व्यक्तिगत ग्रहों के साथ युति करता है, तो आप सर्वप्रथम इन परिवर्तनों का अनुभव करेंगे।
ज्योतिष में यूरेनस नवीनता, क्रांतिकारी परिवर्तन तथा चमत्कारिक घटनाओं का कारक है। यह ग्रह हमें अपरिवर्तनीय विकास की ओर ले जाता है। यह सर्वप्रथम कार्य करता है, किंतु बिना विचारे नहीं, अपितु सभी पीढ़ियों के अनुभव के आधार पर। इसलिए यूरेनस से संबंधित घटनाओं की बुद्धिमत्ता केवल पश्चावलोकन से ही स्पष्ट होती है — तब सभी अप्रत्याशित घटनाएँ पूर्वारंभित प्रक्रिया की तार्किक निरंतरता मात्र प्रतीत होती हैं।
दूसरी ओर, वृषभ राशि रूपों की स्थापना, संरक्षण तथा भौतिक एवं ऊर्जावान संसाधनों के संचयन से संबंधित ऊर्जाओं को सक्रिय करती है। इसलिए आगामी काल में बड़े परिवर्तन केवल विचारों एवं जनमानस की मनोदशाओं में ही नहीं, अपितु ठोस कार्यों एवं घटनाओं में भी दृष्टिगोचर होंगे — विश्व की भौतिक आधारभूत संरचना में परिवर्तन आएगा।
उच्च ग्रह प्रत्येक व्यक्ति के स्तर से परे अपनी प्रवृत्तियाँ निर्धारित करते हैं। किंतु यदि हम अपने जीवन में इनके साथ सहयोग कर सकें, तो हम ही लाभान्वित होंगे।
यूरेनस एक राशि में लगभग 7 वर्ष व्यतीत करता है, किंतु बीच-बीच में उससे बाहर निकलकर पुनः लौट आता है। 6 मार्च से यूरेनस 2025 तक वृषभ राशि में रहेगा, जिससे इन नवीन ऊर्जाओं का सर्वोत्तम उपयोग करने के लिए पर्याप्त समय एवं अनेक अवसर प्राप्त होंगे।
किस ओर ध्यान दें?
सर्वप्रथम वित्तीय क्षेत्र पर। वित्तीय संक्रियाओं के तरीकों, बैंकिंग प्रणालियों की संरचनाओं में परिवर्तन संभव हैं। इलेक्ट्रॉनिक मुद्रा तथा गैर-नकदी भुगतान प्रणालियों का तीव्र विकास अत्यधिक संभावित है। किंतु ध्यान रखें कि नवीन प्रवृत्तियाँ प्रणाली में अस्थिरता तथा कुछ अराजकता ला सकती हैं। इसलिए इस वर्ष निवेश करते समय सावधानी बरतें।
कृषि क्षेत्र के विकास के लिए यह एक उत्कृष्ट समय होगा। नवीन कृषि पद्धतियों, तकनीकों के उपयोग पर ध्यान दें। तकनीक हमारे दैनिक जीवन में अधिकाधिक प्रवेश कर रही है। मानव जाति तकनीक के माध्यम से अपने जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाने तथा दैनिक कार्यों से मुक्ति पाने का प्रयास करेगी।
यूरेनस की प्रवृत्तियाँ उन सभी क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से दिखाई देंगी, जो व्यावहारिक कला से संबंधित हैं — इसमें उच्च फैशन तथा आंतरिक डिज़ाइन भी सम्मिलित हैं। अत्यधिक संभावना है कि कला अधिकाधिक आभासी होती जाएगी। मुख्य विचार यह है कि कला प्रत्येक व्यक्ति के लिए सुलभ हो। गुणवत्तापूर्ण (समयानुकूल) “सूचना” विशेष मूल्य प्राप्त करेगी। संभव है कि स्वयं धन का मूल्य किसी विशिष्ट ज्ञान अथवा सूचना के समतुल्य हो जाए।
इंटरनेट संचार की गुणवत्ता तथा पहुँच में वृद्धि होगी।
आगामी वर्षों में पारिवारिक मूल्यों की समझ में परिवर्तन संभव है, किंतु “परिवार” की अवधारणा सुदृढ़ होगी। लोकतंत्र अब सभी को समान बनाने का प्रयास नहीं करेगा, अपितु समान रुचियों वाले व्यक्तियों को समुदायों में एकत्र करेगा। संभव है कि परिवार को भौतिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों के आधार पर एकजुट व्यक्तियों के समूह के रूप में देखा जाए।
व्यक्तिगत स्वतंत्रता की अवधारणा को व्यक्ति द्वारा स्वयं अपने भौतिक स्थान का चयन अथवा निर्माण करने के अधिकार के रूप में समझा जाएगा।
लोग स्वास्थ्य के प्रति विशेष ध्यान देंगे। स्वास्थ्य संरक्षण की प्रवृत्ति, रोगोपचार से अधिक प्रबल होगी। अपने शारीरिक शरीर की स्थिति पर ध्यान देना प्रत्येक व्यक्ति की सचेतन जिम्मेदारी एवं कर्तव्य बन जाएगा।
यह उल्लेखनीय है कि स्वयं ज्योतिष, जिसके संरक्षक ग्रह यूरेनस को माना जाता है, दैनिक जीवन में अधिक दृढ़ता से प्रवेश करेगी। जीवन के अनेक प्रश्नों के समाधान में ज्योतिषीय संकेतों का आधार लिया जाएगा। ज्योतिषीय ज्ञान व्यावहारिक स्वरूप ग्रहण करेगा तथा अधिक व्यवस्थित होता जाएगा। आप देख सकते हैं कि यह पहले से ही हमारे जीवन में प्रवेश कर चुका है। किंतु यह केवल निर्दिष्ट दिशा में प्रारंभिक कदम हैं। ये सभी प्रवृत्तियाँ शिक्षा प्रणाली तथा पालन-पोषण, सभी व्यावहारिक सरकारी कार्यक्रमों, प्रत्येक देशवासी के लक्ष्यों तथा रुचियों में प्रवेश करेंगी।
अपने पैरों तले जमीन न खोने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को इस काल में अपने मूल्यों तथा जीवन दर्शन की समीक्षा करनी चाहिए। हमारे जीवन में नवीनता अपनी स्थिति सुदृढ़ करती जाएगी, इसलिए वैश्विक प्रवृत्तियों के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए हमें अपने संकीर्ण विचारों को बदलने के लिए तैयार रहना चाहिए। जो कुछ भी हमारे तथा हमारे पूर्वजों द्वारा मूल्यवान समझा जाता था, या तो नवीन रूप ग्रहण करेगा अथवा अपनी प्रासंगिकता खो देगा। किंतु किसी भी प्रवृत्ति को पृथक रूप से न देखें — सब कुछ केवल समग्र चित्र में ही अर्थ ग्रहण करता है तथा किसी भी स्थिति में पृथ्वीवासी समाज के विकास में सहायक होगा।




