बात करें कि किस तरह सूर्य विभिन्न राशियों में व्यवहार करता है। और शुरू करें, निश्चित रूप से, पहली राशि से — मेष से। यह अग्नि तत्व है, और इसलिए स्वभाव भी इसी के अनुरूप होता है: गर्मजोशी, दृढ़, सक्रिय, लक्ष्योन्मुख। मगर इसके साथ ही — आवेगी, अधीर और हमेशा काम को अंत तक नहीं ले जाती।
मेष राशि ही कुंडली का पहला चिह्न है, इसलिए यहाँ अग्नि अभी ‘बाल अवस्था’ में है: असंगठित, अव्यवस्थित, मगर निष्कपट और चमकीली। मेष जातक कुंडली के बड़े बच्चे होते हैं। वे भावुक, आत्मकेन्द्रित होते हैं, मगर इसी में उनकी शक्ति है! क्योंकि इन्हीं को पहले चलना, नए मार्ग खोलना, तेजी से और बिना हिचकिचाहट के कार्य करना होता है।
✨ इनका मिशन है पहले बनना, दुनिया की ताकत का परीक्षण करना और दूसरों को अपने पीछे चलने के लिए प्रेरित करना।
इसलिए मेष जातकों को प्रकृति से मिलता है:
– स्वार्थ (हाँ, यही है कार्य करने का ईंधन),
– सीधी-सादी बात कहने का तरीका (क्योंकि जब तुम पहले हो, तो संदेह के लिए समय नहीं होता),
– जबरदस्त ऊर्जा (गंभीरता से कहें तो, इतनी ऊर्जा पूरे दल के लिए पर्याप्त है)।
🤔 और यहाँ एक महत्वपूर्ण बात है: जब हम मेष जातक को ‘अच्छा’ बनना, ‘धैर्यवान’ होना, ‘दूसरों की राय पर विचार’ करना सिखाने लगते हैं — हम उन्हें उनकी प्रकृति के विरुद्ध ले जा रहे होते हैं। यह वैसा ही है, जैसे बिजली को स्थिर और समान प्रकाश देने के लिए मजबूर करना।
मेष जातक को धधकना चाहिए! तेजी से सोचना, कार्य करना, जोखिम उठाना, प्रेरित करना, जीतना। क्योंकि इसी के लिए वे इस दुनिया में आए हैं — पहले बनने के लिए! 💥



