12 अंश वुल्कन तथा मीन। संवेदनशीलता, दुर्बलता। विकृति, कामुकता (पी.ग्लोबा)।
ग्रह किस अंश पर है, यह केवल गणना में दिखता है: अपने ग्रहों के अंश मिनट तक की सटीकता से देखें हर ग्रह की राशि और भवन के साथ।
संवेदी भावनाएँ, लगन। बुध का अंश (याकोब केफर)।
“ध्वज गरुड़ में परिवर्तित होता है, गरुड़ मुर्गे में जो भोर का स्वागत करता है।”
— नव युग के प्रतीकों का उन मनोवृत्तियों में आत्मसात होना जो इसकी अभिव्यक्तियों के प्रति संवेदनशील हैं। उद्घोषणा। चेतना का विकास अमूर्त से मूर्त की ओर, सामान्य से व्यक्तिगत की ओर। कौशल पर अधिकार। महान सफलता (डी.राड्यर)।
“अगणित”। यह एक साधारण व्यक्ति को इंगित करता है जो अपने सामर्थ्य अनुसार जीवन जीता और कार्य करता है, किंतु जीवन में असाधारण सफलता प्राप्त नहीं कर पाता। औसत क्षमताओं के स्तर से चिकित्सा अथवा रसायन शास्त्र की शिक्षा प्राप्त की जा सकती है (बी.इज़राइल)।
संवेदी स्वभाव, दुर्बल इच्छाशक्ति (ओ.त्रोयानोवस्की)।
कीरोन तथा बृहस्पति का अंश। प्रलोभन का अंश: काली माया, सैटायर, ईर्ष्या, अधमता। असाधारण प्रतिभा, अतिसंवेदी क्षमताएँ, आत्मोत्सर्ग, किंतु अपूर्णता, विकृति। यह कामुक विकृतियाँ, दुर्बलता, संवेदनशीलता प्रदान कर सकता है। किसी भी स्थिति में यह असाधारण जीवन देता है। या तो संत अथवा पागल (थेबोइयन पंचांग)।
नेपच्यून का अंश।
“वलयित सर्प; उसके ऊपर एक खोपड़ी जो मुस्कुरा रही है।”
— यह उन व्यक्तित्वों को इंगित करता है जो अंधकारमय शक्तियों के प्रभाव में रहते हैं तथा जिनका स्वभाव दूषित होता है। ऐसा व्यक्ति मनोग्रस्त विचारों का शिकार हो सकता है, किंतु शक्तिशाली एवं कल्याणकारी ऊर्जा इस व्यक्ति को परिवर्तित कर सकती है तथा दुर्भाग्य पर विजय प्राप्त करने में सहायता कर सकती है। तथापि, झूठ इस व्यक्ति तक अधिक संभावना से पहुँचता है तथा उसे अपना शिकार बना लेता है। यह विपत्ति का प्रतीक है (आई.कोस्मिन्स्की)।





