29 अंश सिंह की वृष।
ग्रह किस अंश पर है, यह केवल गणना में दिखता है: अपने ग्रहों के अंश मिनट तक की सटीकता से देखें हर ग्रह की राशि और भवन के साथ।
मूर्खता, निराधार चिंताएँ, मस्तिष्क रोग (पी. ग्लोबा)।
चंचलता, अस्थिरता, व्यग्रता, अविवेक (याकोव केफेर)।
ऊर्जा का अत्यधिक व्यय (नोरा डेवोर)।
“मोटा बालक जो अपने घर के चारों ओर सुंदर उपनगरीय सड़क पर घास काट रहा है” – प्रतिष्ठित रूप से दैनिक कार्य करने तथा स्वास्थ्य लाभ की आवश्यकता। सामाजिक प्रतिष्ठा। अनुरूपता की इच्छा। सचेतन रूप से निर्मित, अतः निर्भर दृढ़ निश्चय। परिश्रम में स्थिरता (डेन राड्यार)।
“विजयी” – यह अंश ऐसे व्यक्ति को सूचित करता है जो बाधाओं तथा प्रतिकूल परिस्थितियों पर विजय प्राप्त कर सकता है तथा जिसके कार्य सफल होंगे।
“खोजकर्ताओं का अंश” (बेनी इस्राएल)।
मस्तिष्क रोग (ओ. ट्रोयानोव्स्की)।
वृष राशि का अंश। मूर्खों का अंश जो निराधार चिंताएँ करते हैं। सर्वाधिक प्रतिकूल स्थिति में मस्तिष्क रोग प्रदान करता है (तेबोइत्स्की कैलेंडर)।
वृष राशि का अंश। “फूलों तथा मालाओं से सुसज्जित रथ मार्ग में ही टूट गया” – यह व्यक्तित्व को सूचित करता है जो चमक-दमक, वैभव तथा मनोरंजन की ओर अत्यधिक आकर्षित होता है, साथ ही यात्राओं तथा मनोरंजन का प्रेम रखता है। ऐसे व्यक्ति को अधिक सावधान रहने की सलाह दी जाती है। चमकीले रथ से शक्ति नहीं मिलती, क्योंकि वैभव जब शक्ति के साथ मिलता है, तब स्वयं को प्रकट कर देता है। यह व्यर्थता का प्रतीक है (इगोर कोस्मिन्स्की)।





