दाखिल हों/पंजीकरण करें
दाखिल हों/पंजीकरण करें
Astro Way Logo Astro Way Logo

Chiron in the 5th House

कीरोन 5वें भाव में

बी. इसराइल. ग्रहों के भाव

— बुद्धि-विलास के खेलों (शब्द, शतरंज, चौसर, चौपड़) में रुचि उत्पन्न करता है। प्रेम संबंधों में अत्यधिक उलझन होती है। व्यक्ति समान रूप से कई साथियों के साथ घनिष्ठ संबंध बनाए रखता है। संबंधों में जानबूझकर विरोधाभास लाने, उन्हें उलझाने और उन्हें असामान्यता की सीमा तक ले जाने की प्रवृत्ति होती है। यह मायावी स्वभाव का होता है। मनोरंजन का पसंदीदा तरीका व्यंग्यात्मक नकल करना होता है। बच्चों को बौद्धिक शिक्षा देने की इच्छा होती है। कुछ शिक्षण क्षमताएं भी होती हैं।

फ्रांसिस साकोयन. ग्रहों के भाव

जादूगर। बाहरी “मैं” के स्वरूप व्यक्ति और उसके जीवन की परिस्थितियों के साथ निर्मित होते हैं, किंतु इसके अतिरिक्त कभी-कभी अलौकिक शक्तियों का प्रभाव भी अनुभव किया जाता है। जब पांचवें भाव में कीरोन स्थित होता है, तो “मैं” के स्वरूप व्यक्ति की इच्छा के बिना ही समाज की सीमाओं से परे कुछ असाधारण गुण रखते हैं, जिन्हें आसानी से नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कीरोन कठोर और दृढ़ होता है तथा व्यक्ति को असामान्य स्वरूप निर्मित करने और विचित्र भूमिकाएं निभाने के लिए विवश करता है। इसके परिणामस्वरूप ऐसी स्थितियां उत्पन्न होती हैं (अक्सर निराशाजनक और असाध्य रूप से अव्यवस्थित), जिन्हें पारंपरिक तरीकों से हल नहीं किया जा सकता। व्यक्ति को अपनी क्षमताओं की सीमा तक पहुंचकर “मैं” का एक रचनात्मक स्वरूप ढूंढना पड़ता है (विस्तृत जानकारी कीरोन के दृष्टिकोणों से मिलेगी)। यह अत्यंत रोचक योग है, और इसके अध्ययन से सीमित सीमाओं से परे संभावनाएं खुलती हैं। कीरोन की स्थिति के अनुसार इसमें सम्मोहन, ब्रह्मांडीय ऊर्जा के साथ कार्य, ध्यान, त्वरित अधिगम अथवा विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण रचनात्मकता की क्षमताएं शामिल हो सकती हैं। व्यक्ति ऐसा स्वरूप अथवा रचना निर्मित करता है जिसे वास्तविक मानना कठिन होता है, किंतु वह विद्यमान होता है। निम्न स्तर पर व्यक्ति के साथ ऐसी स्थितियां बार-बार उत्पन्न होती हैं, मानो उसके सिर पर जानबूझकर जोकर की टोपी रख दी गई हो और उसे उसकी इच्छा के विरुद्ध एक ऐसी भूमिका निभाने के लिए विवश किया जा रहा हो, जिसे वह स्वयं भी नहीं समझता किंतु जो दूसरों के लिए अत्यंत हास्यास्पद होती है। इससे बाहर निकलना कठिन होता है, जो विशेषकर कीरोन की पराजय पर तीव्र निराशा उत्पन्न कर सकता है। अध्ययन से दूसरों को भ्रमित करने की अच्छी संभावनाएं उत्पन्न होती हैं, किंतु (कार्मिक दृष्टि से) इसका उद्देश्य रचनात्मक प्रभाव उत्पन्न करना चाहिए, जैसे कि अपने व्यक्तिगत स्वरूप पर प्रश्न उठाने के बजाय दूसरे व्यक्ति की संपूर्ण विश्व-दृष्टि पर संदेह उत्पन्न करना। एक दिन परमात्मा अप्रत्याशित रूप से प्रकट होगा तथा उसी प्रकार स्पष्ट होगा, और इससे पूर्व धार्मिक अनुभूतियों में अत्यधिक उलझन संभव है।

गहन ज्योतिष का अन्वेषण करें

मुफ़्त कैलकुलेटर, जन्म कुंडली, ऑनलाइन टैरो और आत्म-ज्ञान के अन्य उपकरण।

शेयर करें:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Updating
  • No products in the cart.