अमेथिस्ट क्या है?
प्राचीन यूनानियों का विश्वास था कि अमेथिस्ट मदिरापान से रक्षा करता है। इसका नाम ग्रीक शब्द “अमेथिस्टोस” से लिया गया है, जिसका अर्थ है “नशे में नहीं।” यह बिशपों का पसंदीदा रत्न था।
अमेथिस्ट के जादुई गुण
यह रत्न आध्यात्मिक विकास और अंतर्ज्ञान का प्रतीक है। मन को शांत करता है, ध्यान में सहायता करता है तथा नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा करता है। यह संयम और बुद्धिमत्ता का प्रतीक है।
अमेथिस्ट के चिकित्सीय गुण
तनाव और चिंता को दूर करता है, नींद में सुधार लाता है तथा माइग्रेन में राहत देता है। तंत्रिका तंत्र को सहारा प्रदान करता है।
अमेथिस्ट की विशेषताएं
- रंग: बैंगनी, लैवेंडर
- मोहस कठोरता: 7
- चक्र: आज्ञा (तृतीय नेत्र)
- तत्व: वायु
- ग्रह: बृहस्पति, नेपच्यून
किस राशि के लिए उपयुक्त है अमेथिस्ट?
♈ अमेथिस्ट मेष राशि के लिए
अमेथिस्ट अग्नि तत्व की राशि मेष के लिए अत्यंत उपयुक्त है। यह रत्न मेष की स्वाभाविक विशेषताओं को बढ़ाता है तथा उसकी कमजोरियों पर विजय पाने में सहायता करता है।
♐ अमेथिस्ट धनु राशि के लिए
अमेथिस्ट अग्नि तत्व की राशि धनु के लिए अत्यंत उपयुक्त है। यह रत्न धनु की स्वाभाविक विशेषताओं को बढ़ाता है तथा उसकी कमजोरियों पर विजय पाने में सहायता करता है।
♒ अमेथिस्ट कुंभ राशि के लिए
अमेथिस्ट वायु तत्व की राशि कुंभ के लिए अत्यंत उपयुक्त है। यह रत्न कुंभ की स्वाभाविक विशेषताओं को बढ़ाता है तथा उसकी कमजोरियों पर विजय पाने में सहायता करता है।
♓ अमेथिस्ट मीन राशि के लिए
अमेथिस्ट जल तत्व की राशि मीन के लिए अत्यंत उपयुक्त है। यह रत्न मीन की स्वाभाविक विशेषताओं को बढ़ाता है तथा उसकी कमजोरियों पर विजय पाने में सहायता करता है।
अमेथिस्ट कैसे पहनें?
इसे चांदी के आभूषण में अंगूठी अथवा लॉकेट के रूप में धारण करें। सूर्य की सीधी रोशनी में न रखें, अन्यथा इसका रंग फीका पड़ सकता है। इसे चंद्रमा की रोशनी में शुद्ध करें।
अमेथिस्ट की देखभाल कैसे करें?
नियमित रूप से रत्न से संचित ऊर्जा को हटाते रहें। इसे 1-2 मिनट तक बहते पानी के नीचे रखें अथवा रात भर चंद्रमा की रोशनी में छोड़ दें। अन्य रत्नों से अलग, मुलायम कपड़े में लपेट कर रखें।



