सिट्रीन क्या है?
नाम लैटिन शब्द “सिट्रस” (नींबू) से लिया गया है। अठारहवीं शताब्दी में इसे “व्यापारी का पत्थर” कहा जाता था — व्यापारी इसे अपनी काशी में रखते थे।
सिट्रीन के जादुई गुण
यह पत्थर सफलता और समृद्धि का प्रतीक है। यह धन लाभ लाता है, आत्मविश्वास बढ़ाता है तथा व्यवसाय और करियर में सहायक होता है।
सिट्रीन के चिकित्सीय गुण
यह पाचन में सुधार करता है, अंतःस्रावी तंत्र को सहारा देता है तथा ऊर्जा और स्फूर्ति प्रदान करता है।
सिट्रीन की विशेषताएँ
- रंग: पीला, सुनहरा
- मोहस कठोरता: 7
- चक्र: मणिपुर (सौर plexus)
- तत्व: अग्नि
- ग्रह: सूर्य, बुध
कौन-से राशियों के लिए सिट्रीन उपयुक्त है?
🦊 सिट्रीन मिथुन राशि के लिए
सिट्रीन मिथुन राशि (वायु तत्व) के लिए अत्यंत उपयुक्त है। यह पत्थर मिथुन की स्वाभाविक विशेषताओं को बढ़ाता है तथा उनकी कमजोरियों पर विजय पाने में सहायक होता है।
🦁 सिट्रीन सिंह राशि के लिए
सिट्रीन सिंह राशि (अग्नि तत्व) के लिए अत्यंत उपयुक्त है। यह पत्थर सिंह की स्वाभाविक विशेषताओं को बढ़ाता है तथा उनकी कमजोरियों पर विजय पाने में सहायक होता है।
🌿 सिट्रीन कन्या राशि के लिए
सिट्रीन कन्या राशि (पृथ्वी तत्व) के लिए अत्यंत उपयुक्त है। यह पत्थर कन्या की स्वाभाविक विशेषताओं को बढ़ाता है तथा उनकी कमजोरियों पर विजय पाने में सहायक होता है।
सिट्रीन कैसे पहनें?
इसे सोने के फ्रेम में, preferably दाहिने हाथ पर पहनें। धन आकर्षण के लिए इसे बटुए में रखें।
सिट्रीन की देखभाल कैसे करें?
नियमित रूप से पत्थर से संचित ऊर्जा को साफ करें। इसे 1-2 मिनट तक बहते पानी के नीचे रखें अथवा रात भर चंद्रमा की रोशनी में रखें। अन्य पत्थरों से अलग, मुलायम कपड़े में लपेटकर रखें।




