उद्देश्य 10वें भाव का 3वें भाव में
ए. रिझोव. मूल कुंडली में भावों के अधिपतियों का भावों में
मनुष्य का लक्ष्य संचार प्रणाली के माध्यम से साकार होता है। अर्थात, यह लेखकों, पत्रकारों, व्यापारियों के लिए है। प्लासिडस प्रणाली में कुंडली को व्यक्तित्व के लिए माना जाता है, यदि 1वें भाव के अधिपति और 10वें भाव के अधिपति के मध्य लाल (कष्टकारी) पहलू हो। 1वें भाव का अधिपति व्यक्तित्व है, 10वें भाव का अधिपति सामाजिक लक्ष्य है। और यदि मूल कुंडली में ऐसा हो, तो यह बहुत भाग्यशाली व्यक्ति होता है, जो चमड़ी में जन्मा है, किंतु यदि यह मूल कुंडली में नहीं है, तो यह क्षणिक स्थिति भी हो सकती है। समाज के प्रति अपने कार्यों को तब आगे बढ़ाएं, जब उनके अच्छे पहलू हों।
भाव के अधिपति का भावों में
नकारात्मक: संबंधी लक्ष्य की ओर बढ़ने के मार्ग में बाधा डालते हैं, यात्राओं में प्रतिष्ठा गिर सकती है तथा कम परिचित लोगों के साथ सतही संपर्क बन सकते हैं। सकारात्मक: जनता के साथ संपर्क में प्रतिष्ठा मजबूत होती है, संबंधियों का संरक्षण मिलता है, यात्राएं सफल होती हैं, लक्ष्य की ओर बढ़ने में परिवार का सहयोग मिलता है। ऐसे लोग श्रोताओं के साथ अच्छे से संवाद करते हैं। सूचना को प्रभावी ढंग से ग्रहण एवं प्रसंस्कृत करने से लक्ष्य प्राप्ति में मदद मिलती है। करियर लोगों के साथ संवाद से जुड़ा होता है, क्योंकि ऐसे व्यक्ति को स्वयं को अभिव्यक्त करने की गहरी आवश्यकता होती है। यह केवल उन अभिनेताओं तक ही सीमित नहीं है, जो अपने विचारों एवं भावनाओं को निर्मित पात्रों में डालते हैं, अपितु उन सभी के लिए भी है, जिन्हें पेशेवर गतिविधियों में अपने विचारों को दूसरों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना होता है। करियर किसी संबंधी पर निर्भर हो सकता है अथवा उसके व्यवसाय से जुड़ा हो सकता है। पेशेवर कार्य पर्याप्त मात्रा में निकटवर्ती यात्राओं के बिना नहीं किए जा सकते। अक्सर ऐसे लोग व्यापारिक अथवा विज्ञापन एजेंट बन जाते हैं, कभी-कभी मॉडल अथवा कूरियर भी।
इंदुबाला. 3वें भाव में 10वें भाव का अधिपति (भारतीय परंपरा)
ऐसे स्थान वाले व्यक्ति के जीवन में निम्नलिखित बातें दिखाई देंगी: भाई-बहन प्रसिद्ध होंगे; उत्तम शिक्षा; गरीबों की स्थिति सुधारने की इच्छा; कला में कुशलता, दृढ़ निश्चय। इसके अतिरिक्त, अनेक संतानों को जन्म देने की क्षमता भी संभव है।





