उद्गम ६ भाव का ९ भाव में
ए. रिझोव. मूलग्रहों का भावों में
नौकरी में बार-बार बदलाव अथवा दूर-दराज के स्थानों से संबंधित कार्य। इसके अतिरिक्त, स्वयं का दृष्टिकोण न रखने की प्रवृत्ति।
भावों में उद्गम
नकारात्मक: कार्य में अस्थिरता, नौकरी बदलने के कारण बार-बार स्थानांतरण, घर से दूर मौसमी कार्य। किसी अन्य क्षेत्र के लोगों पर निर्भरता, दूरगामी महत्वाकांक्षा तथा दिखावटी अभिमान, जो पर्याप्त घमंड एवं आत्मसंतुष्टि से जुड़ा होता है। सकारात्मक: ऐसे व्यक्ति मानसिक श्रम को प्राथमिकता देते हैं, जिससे वे अपनी योग्यताओं एवं प्रतिभाओं का उपयोग कर सकें। अक्सर वे दार्शनिक अथवा शिक्षक बनते हैं। कार्य प्रेरणा से करना पसंद करते हैं तथा दूरस्थ लक्ष्यों को प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। अक्सर ऐसे व्यक्ति पर्यटक बन जाते हैं। किसी न किसी रूप में उनका कार्य निरंतर यात्राओं से जुड़ा रहता है। ऐसी यात्रा न केवल विश्राम एवं स्वास्थ्य सुधार में सहायक होती है, अपितु अच्छी आय का साधन भी बन सकती है।
इंदुबाला. भावों में उद्गम. (भारतीय परंपरा)
पिता के साथ संबंधों में परस्पर गलतफहमी, धार्मिक अनुष्ठानों के पालन में अस्थिरता, विदेश यात्राओं की बारंबारता, अधिकारियों के साथ शत्रुतापूर्ण संबंध।





