गार्नेट क्या है?
गार्नेट नाम लैटिन शब्द ‘ग्रैनाटम’ से लिया गया है, जिसका अर्थ है दानेदार (अनार के दानों जैसा)। किंवदंती के अनुसार, नूह ने अपने जहाज़ को रोशन करने के लिए गार्नेट से बनी लालटेन का उपयोग किया था।
गार्नेट के जादुई गुण
यह पत्थर प्रेम और समर्पण का प्रतीक है। यह प्रेम को प्रज्वलित करता है, साहस प्रदान करता है तथा खतरों से रक्षा करता है।
गार्नेट के चिकित्सीय गुण
यह रक्त संचार में सुधार करता है, हृदय को मजबूत बनाता है, हीमोग्लोबिन बढ़ाता है तथा ऊर्जा प्रदान करता है।
गार्नेट की विशेषताएँ
- रंग: गहरा लाल, बैंगनी
- मोहस कठोरता: 6.5-7.5
- चक्र: मूलाधार (मूल चक्र)
- तत्व: अग्नि
- ग्रह: मंगल, प्लूटो
गार्नेट किन राशियों के लिए उपयुक्त है?
♏ वृश्चिक के लिए गार्नेट
गार्नेट वृश्चिक राशि, जो जल तत्व की है, के लिए अत्यंत उपयुक्त है। यह पत्थर वृश्चिक की स्वाभाविक विशेषताओं को बढ़ाता है तथा उसकी कमजोरियों पर विजय पाने में सहायता करता है।
♑ मकर के लिए गार्नेट
गार्नेट मकर राशि, जो पृथ्वी तत्व की है, के लिए अत्यंत उपयुक्त है। यह पत्थर मकर की स्वाभाविक विशेषताओं को बढ़ाता है तथा उसकी कमजोरियों पर विजय पाने में सहायता करता है।
♒ कुम्भ के लिए गार्नेट
गार्नेट कुम्भ राशि, जो वायु तत्व की है, के लिए अत्यंत उपयुक्त है। यह पत्थर कुम्भ की स्वाभाविक विशेषताओं को बढ़ाता है तथा उसकी कमजोरियों पर विजय पाने में सहायता करता है।
गार्नेट कैसे पहनें?
इसे सोने अथवा तांबे के आभूषण में धारण करें। प्रेम के लिए अनामिका अंगुली तथा सुरक्षा के लिए मध्यमा अंगुली पर पहनें।
गार्नेट की देखभाल कैसे करें?
नियमित रूप से पत्थर से संचित ऊर्जा को हटाते रहें। इसे 1-2 मिनट तक बहते पानी के नीचे रखें अथवा रात भर चंद्रमा की रोशनी में रखें। अन्य पत्थरों से अलग, मुलायम कपड़े में लपेट कर रखें।




