क्या है क्राइसोलिथ?
प्राचीन मिस्रवासी इसे “सूर्य का पत्थर” कहते थे। धर्मयोद्धाओं ने इसे पवित्र भूमि से तावीज़ के रूप में लाया था।
क्राइसोलिथ के जादुई गुण
यह आशा और नवीनीकरण का पत्थर है। सौभाग्य आकर्षित करता है, नकारात्मक विचारों से मुक्ति दिलाता है तथा मित्रता संबंधों को मजबूत बनाता है।
क्राइसोलिथ के चिकित्सीय गुण
यह दृष्टि सुधारता है, हृदय को मजबूत करता है तथा तंत्रिका संबंधी दर्द से राहत दिलाता है।
क्राइसोलिथ की विशेषताएँ
- रंग: पीला-हरा, जैतून
- मोहस कठोरता: 6.5-7
- चक्र: अनाहत, मणिपुर
- तत्व: पृथ्वी
- ग्रह: सूर्य, शुक्र
किस राशि के लिए उपयुक्त है क्राइसोलिथ?
♍ कन्या के लिए क्राइसोलिथ
क्राइसोलिथ कन्या राशि, जो पृथ्वी तत्व की है, के लिए अत्यंत उपयुक्त है। यह पत्थर कन्या की स्वाभाविक विशेषताओं को बढ़ाता है तथा उसकी कमजोरियों पर विजय पाने में सहायता करता है।
♎ तुला के लिए क्राइसोलिथ
क्राइसोलिथ वायु तत्व की राशि तुला के लिए अत्यंत उपयुक्त है। यह पत्थर तुला की स्वाभाविक विशेषताओं को बढ़ाता है तथा उसकी कमजोरियों पर विजय पाने में सहायता करता है।
♓ मीन के लिए क्राइसोलिथ
क्राइसोलिथ जल तत्व की राशि मीन के लिए अत्यंत उपयुक्त है। यह पत्थर मीन की स्वाभाविक विशेषताओं को बढ़ाता है तथा उसकी कमजोरियों पर विजय पाने में सहायता करता है।
क्राइसोलिथ कैसे पहनें?
इसे सोने के फ्रेम में बाएँ हाथ में पहनें। यह पत्थर दिन में, सूर्य के प्रकाश में सर्वोत्तम कार्य करता है।
क्राइसोलिथ की देखभाल कैसे करें?
नियमित रूप से पत्थर से संचित ऊर्जा को साफ करें। इसे 1-2 मिनट तक बहते पानी के नीचे रखें अथवा रात भर चंद्रमा के प्रकाश में रखें। अन्य पत्थरों से अलग, मुलायम कपड़े में लपेटकर सुरक्षित रखें।




